एआई समिट रोबोडॉग विवाद पर चिराग पासवान सख्त, बोले- 'बड़ी लापरवाही', समिट के बाद होगी कार्रवाई

एआई समिट रोबोडॉग विवाद पर चिराग पासवान सख्त, बोले- 'बड़ी लापरवाही', समिट के बाद होगी कार्रवाई

एआई समिट रोबोडॉग विवाद पर चिराग पासवान सख्त, बोले- 'बड़ी लापरवाही', समिट के बाद होगी कार्रवाई

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IANS
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Major lapse: Chirag Paswan assures govt action amid Galgotias University’s Chinese robodog row

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

पटना, 19 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एआई समिट में प्रदर्शित चीनी रोबोटिक डॉग को लेकर उठे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बड़ी लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि समिट समाप्त होने के बाद सरकार इस मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।

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गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा यह विवाद इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान सामने आया, जहां एक रोबोटिक डॉग को विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस द्वारा विकसित बताया गया था। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह प्रोडक्ट चीन की कंपनी यूनिट्री रोबोटिक्स द्वारा विकसित यूनिट्री जीओ2 मॉडल है।

पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि किसी विश्वविद्यालय द्वारा किसी प्रोडक्ट को प्रदर्शित कर उसका स्वामित्व गलत तरीके से लेना पूरी तरह अनुचित है। यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि समिट एक वैश्विक मंच है और पूरी दुनिया की नजर इस पर रहती है। ऐसे घटनाक्रम भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को प्रभावित कर सकते हैं।

उन्होंने उस प्रतिनिधि के बयान का भी जिक्र किया, जिसने रोबोटिक डॉग के बारे में जानकारी दी थी। चिराग ने कहा कि वह शब्दों के चयन से स्थिति को उचित ठहराने की कोशिश करती दिखीं और बाद में इसे गलतफहमी बताया गया। जब देश में इतने बड़े स्तर का एआई सम्मेलन हो रहा हो, तब इस तरह की घटनाएं चिंता का विषय बन जाती हैं।

केंद्र सरकार ने भी अपनी पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया में कहा कि ऐसे मंचों पर केवल वास्तविक और प्रमाणिक कार्यों को ही प्रदर्शित किया जाना चाहिए और किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब विश्वविद्यालय के पवेलियन में मौजूद कम्युनिकेशन प्रोफेसर नेहा सिंह ने एक साक्षात्कार में दावा किया कि प्रदर्शित रोबोटिक डॉग विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किया गया है और उसका नाम ओरियन बताया। बाद में उन्होंने इसे संचार की गलती बताया।

विश्वविद्यालय ने भी आधिकारिक बयान जारी कर भ्रम के लिए माफी मांगी और कहा कि संबंधित प्रतिनिधि को तकनीकी जानकारी नहीं थी और उन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति भी नहीं थी।

--आईएएनएस

वीकेयू/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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