महाराष्ट्र सरकार पुनर्वास के लिए धारावी पुनर्विकास परियोजना को मलाड की 118 एकड़ जमीन सौंपेगी

महाराष्ट्र सरकार पुनर्वास के लिए धारावी पुनर्विकास परियोजना को मलाड की 118 एकड़ जमीन सौंपेगी

महाराष्ट्र सरकार पुनर्वास के लिए धारावी पुनर्विकास परियोजना को मलाड की 118 एकड़ जमीन सौंपेगी

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IANS
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Maharashtra hands over 118-acre Malad land to Dharavi Redevelopment Project for rehab housing

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 19 फरवरी (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार मलाड-मालवानी के मुक्तेश्वर में स्थित 118 एकड़ भूमि का कब्जा धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) को सौंपेगी, जिससे स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (एनएमडीपीएल) पुनर्वास भवनों की योजना और निर्माण शुरू कर सकेगी।

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नवभारत मेगा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड, धारावी पुनर्विकास परियोजना के लिए महाराष्ट्र सरकार और अदाणी समूह के बीच एक एसीवी है।

इस जगह का उपयोग धारावी के उन निवासियों को आवास प्रदान करने के लिए किया जाएगा जो धारावी में ही पुनर्वास के पात्र नहीं हैं।

अधिकारियों ने बताया कि मलाड की यह जमीन, कुर्ला स्थित मदर डेयरी और मुलुंड स्थित जामास सॉल्टपैन की जमीन के बाद, डीआरपी के कब्जे में आने वाली तीसरी बड़ी जमीन है।

इस जगह पर मुख्य रूप से ऊपरी मंजिल के निवासी और वे लोग रहेंगे, जो 1 जनवरी, 2011 के बाद और 15 नवंबर, 2022 से पहले धारावी में आकर बसे हैं।

परियोजना की शर्तों के अनुसार, इन निवासियों को मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) के भीतर आधुनिक, सुनियोजित टाउनशिप में पुनर्स्थापित किया जाएगा।

अधिकारी ने बताया कि परियोजना के लिए आवंटित अन्य भूखंडों की तरह, मलाड भूमि का स्वामित्व भी डीआरपी/एसआरए के पास रहेगा, जबकि एसपीवी के पास विकास अधिकार होंगे।

118 एकड़ भूमि का कुल मूल्य लगभग 540 करोड़ रुपए आंका गया है, जिसमें से 135 करोड़ रुपए एनएमडीपीएल द्वारा विकास अधिकारों के प्रीमियम के रूप में पहले ही भुगतान किया जा चुका है।

उन्होंने आगे कहा,“मुक्तेश्वर में निर्धारित 140 एकड़ भूमि में से 118 एकड़ भूमि अब तक सौंप दी गई है, जबकि 22 एकड़ भूमि अभी भी मुकदमेबाजी के अधीन है।”

कुल मिलाकर, राज्य ने धारावी पुनर्विकास परियोजना के अंतर्गत उच्च स्तरीय किफायती आवास के लिए एमएमआर के भीतर लगभग 540 एकड़ भूमि आवंटित की है।

इसमें कुर्ला की भूमि, कंजूर, भांडुप और मुलुंड में नमक के मैदानों की भूमि और देवनार डंपिंग ग्राउंड के कुछ हिस्से शामिल हैं, ताकि बड़े पैमाने पर पुनर्वास को सुगम बनाया जा सके।

आशा है कि भूमि सौंपने से पुनर्वास आवासों के निर्माण में तेजी आएगी और चरणबद्ध पुनर्विकास को गति मिलेगी, ताकि धारावी निवासी सात साल की अवधि के भीतर पात्रता के अनुसार अपने नए घरों में स्थानांतरित हो सकें।

अनुमान है कि लगभग 10 लाख निवासियों के पुनर्वास के लिए लगभग 1.25-1.5 लाख नए घरों का निर्माण किया जाएगा।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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