कर्नाटक सरकार ने रेबीज से होने वाली मौतों को जीरो करने का लक्ष्य रखा, एक्शन प्लान लॉन्च

कर्नाटक सरकार ने रेबीज से होने वाली मौतों को जीरो करने का लक्ष्य रखा, एक्शन प्लान लॉन्च

कर्नाटक सरकार ने रेबीज से होने वाली मौतों को जीरो करने का लक्ष्य रखा, एक्शन प्लान लॉन्च

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IANS
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K'taka targets zero rabies deaths, rolls out snakebite action plan

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

बेंगलुरु, 27 फरवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार ने शुक्रवार को दो बड़े स्टेट एक्शन प्लान लागू करके 2030 तक कुत्तों से होने वाले इंसानों में रेबीज को खत्म करने और जहरीले सांपों के काटने से होने वाली मौतों को कम करने का अपना वादा दोहराया।

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हेल्थ और फैमिली वेलफेयर मिनिस्टर दिनेश गुंडू राव ने स्टेट एक्शन प्लान फॉर रेबीज एलिमिनेशन और स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्नेकबाइट प्रिवेंशन एंड कंट्रोल लॉन्च किए। उन्होंने कहा कि इन कोशिशों का मकसद रोकथाम, इलाज, निगरानी और कोऑर्डिनेटेड इंटरडिपार्टमेंटल रिस्पॉन्स को मजबूत करना है।

नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम और 2030 तक कुत्तों से होने वाली रेबीज से जीरो ह्यूमन डेथ के लक्ष्य के साथ, रेबीज एलिमिनेशन प्लान हेल्थ, वेटरिनरी, अर्बन डेवलपमेंट और एजुकेशन सेक्टर को शामिल करते हुए वन हेल्थ अप्रोच अपनाता है। रेबीज, हालांकि रोका जा सकता है, लेकिन क्लिनिकल लक्षण दिखने के बाद लगभग हमेशा जानलेवा रहता है, जिससे जल्दी इंटरवेंशन और रोकथाम बहुत जरूरी हो जाता है।

इस अवसर पर मंत्री राव ने कहा कि राज्य ने 2030 तक रेबीज से होने वाली मौतों को जीरो करने का टारगेट रखा है। एंटी-रेबीज वैक्सीन और रेबीज इम्यूनोग्लोबुलिन पूरे राज्य के सभी प्राइमरी हेल्थ सेंटर, कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, तालुका हॉस्पिटल और डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में फ्री दिए जाएंगे। इन फैसिलिटीज को हर समय दवाओं का काफी स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

प्राइवेट अस्पतालों को भी निर्देश दिया गया है कि वे काफी स्टॉक रखें और एडवांस पेमेंट पर जोर दिए बिना इलाज दें। उन्होंने कहा कि हेल्थ और फैमिली वेलफेयर डिपार्टमेंट ने सिस्टमैटिक रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग पक्का करने के लिए दिसंबर 2022 में रेबीज को नोटिफाएबल बीमारी घोषित किया था।

असरदार तरीके से लागू करने के लिए सरकार ने कोऑर्डिनेशन और मॉनिटरिंग के लिए राज्य और ज़िला लेवल की जॉइंट स्टीयरिंग कमेटियाँ बनाई हैं। मंत्री ने कहा कि रेबीज-फ्री सिटीज इनिशिएटिव के तहत, बेंगलुरु, बेलगावी, बल्लारी, दावणगेरे, हुबली-धारवाड़, कलबुर्गी, मंगलुरु, मैसूर, शिवमोग्गा, तुमकुरु और विजयपुरा समेत 11 बड़े शहरों में टारगेटेड इंटरवेंशन किए जा रहे हैं।

वेटेरिनरी डिपार्टमेंट बड़े पैमाने पर कुत्तों के वैक्सीनेशन और कुत्तों की आबादी के मैनेजमेंट पर फोकस करेगा, जबकि शहरी लोकल बॉडीज पालतू जानवरों के रजिस्ट्रेशन, वैक्सीनेशन मॉनिटरिंग और आवारा कुत्तों के जमावड़े को रोकने के लिए वेस्ट मैनेजमेंट की देखरेख करेंगी।

उन्होंने आगे कहा कि मेडिकल कॉलेज एंटी-रेबीज क्लीनिक को मज़बूत कर रहे हैं और इलाज के प्रोटोकॉल और रिपोर्टिंग सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग दे रहे हैं।

सरकार ने जहरीले सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए एक अलग एक्शन प्लान भी शुरू किया है। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से तैयार किया गया यह प्लान रोकथाम, समय पर इलाज, हेल्थकेयर कर्मचारियों की कैपेसिटी बिल्डिंग और लोगों में जागरूकता पर फोकस करता है। राव ने कहा कि राज्य में 2024 में सांप के काटने के मामलों को नोटिफाएबल बीमारी घोषित किया गया था।

उन्होंने आगे कहा कि सांप के काटने के शिकार लोगों को मुफ्त इलाज दिया जाएगा। साथ ही, प्राइवेट अस्पतालों को बिना एडवांस पेमेंट मांगे तुरंत जान बचाने वाली देखभाल देने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों ने कहा कि दोनों एक्शन प्लान में इंटरडिपार्टमेंटल कोऑर्डिनेशन, इलाज तक बेहतर पहुंच और लोगों की भागीदारी पर जोर दिया गया है। सरकार ने नागरिकों, प्राइवेट संस्थानों और सिविल सोसाइटी संगठनों से 2030 तक कर्नाटक में रेबीज से होने वाली मौतों को खत्म करने और सांप के काटने से होने वाली मौतों को काफी कम करने के लक्ष्य को पाने में सहयोग करने की अपील की है।

--आईएएनएस

पीएसके

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