/newsnation/media/media_files/thumbnails/202602243685489-785270.jpg)
(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
ढाका, 24 फरवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश की राजधानी स्थित सुहरावर्दी उद्यान में एंटी-ड्रग ऑपरेशन के दौरान कई पत्रकार, ढाका यूनिवर्सिटी (डीयू) के छात्र और एक पुलिसवाला घायल हो गए। स्थानीय मीडिया के मुताबिक सोमवार शाम को ये अभियान चलाया गया था।
रमना जोन के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) मसूद के मुताबिक, सोमवार शाम को ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस (डीएमपी) के रमना जोन ने यह ऑपरेशन शुरू किया था, जिसमें सात से आठ लोगों को हिरासत में लिया गया और करीब 60 से 70 पुलिसवालों को तैनात किया गया।
बांग्लादेश के जाने-माने डेली ढाका ट्रिब्यून ने सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा था कि, लोगों को गिरफ्तार नहीं किया गया है; मकसद बस उन्हें डराने का था।
घायलों की पहचान अजकर पत्रिका के लोकल मीडिया रिपोर्टर कवसर अहमद रिपन, बांग्लान्यूज24 के रिपोर्टर तोफायेल अहमद, डीयू छात्र नईम उद्दीन और एक पुलिस कांस्टेबल के तौर पर हुई है।
रिपन के मुताबिक, पुलिस ने शुरू में उनके साथी तोफायेल पर हमला किया, और जब उन्होंने बीच-बचाव किया तो उन्हें भी पीटा गया। रिपन ने कहा, मैं दौड़कर गया और पूछा कि वे उसे क्यों मार रहे हैं, तो उन्होंने मेरा फोन छीन लिया और मुझे भी मारना शुरू कर दिया।
इस बीच, एक वीडियो फुटेज भी सामने आया जिसमें डीयू एंथ्रोपोलॉजी के छात्र नईम उद्दीन को बहस के बाद पुलिस वाले पीटते हुए देखे जा सकते थे।
नईम ने कहा कि वह और उसके दोस्त पार्क में बहु-भाषार संध्या नाम के एक समारोह पर बात कर रहे थे और बाहर निकलते समय पुलिस से उनका सामना हुआ।
उन्होंने कहा, उन्हें हमारे पास कुछ नहीं मिला—बिल्कुल भी नहीं। फिर उन्होंने दावा किया कि हमारी उनसे बहस हुई थी। जब वह बातचीत चल ही रही थी, तो उनमें से एक ने अचानक मुझे पकड़ लिया और अंदर खींचकर पीटा, और मेरे साथ मौजूद दोस्त को भी पीटा गया।
नईम ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस ने उसका फोन जब्त कर लिया और उसे किसी से संपर्क करने की इजाजत दिए बिना लंबे समय तक पुलिस स्टेशन में बिठाए रखा।
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन के बारे में सवालों के जवाब में, डीसी मसूद ने इसे एक रेगुलर एंटी-ड्रग ड्राइव बताया। उन्होंने कहा, यह ड्रग्स के खिलाफ है। रात के 8 या 9 बजे तक, आस-पास कोई नहीं होता—ये लोग घने अंधेरे जंगल में बैठे होते हैं। इस तरह का ऑपरेशन रेगुलर चलता है; आज का ऑपरेशन बस थोड़ा बड़ा था।
मसूद ने कहा कि ड्राइव के दौरान 8-10 पुलिसवाले मुख्य टीम से अलग हो गए थे और उन्हें डीयू छात्रों का एक समूह मिला जो कथित तौर पर मारिजुआना पी रहे थे। उन्होंने कहा कि उनमें से एक ने खुद को डीयू का छात्र बताया, जिसके बाद दोनों में बहस हो गई।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि ड्राइव के दौरान एक कांस्टेबल की आंख के ऊपर एक नुकीली चीज से हमला किया गया, जिससे गहरा घाव हो गया।
पत्रकारों से जुड़े आरोपों पर बात करते हुए, मसूद ने कहा कि अधिकारियों को पता नहीं था कि उनमें से एक व्यक्ति पत्रकार है।
उन्होंने कहा, हमें पता नहीं चला कि वह पत्रकार है क्योंकि उसके गले में कुछ नहीं था; उसके पास प्रेस से जुड़ा पहचान पत्र नहीं था।
पत्रकारों ने इन दावों को गलत बताया और कहा कि हमला जानबूझकर किया गया था।
--आईएएनएस
केआर/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us