मजबूत घरेलू मांग के चलते फरवरी में भारत का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा

मजबूत घरेलू मांग के चलते फरवरी में भारत का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा

मजबूत घरेलू मांग के चलते फरवरी में भारत का मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंचा

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IANS
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Dahod: PM Modi Visits  Locomotive Manufacturing Plant of Indian Railways

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 2 मार्च (आईएएनएस)। भारत का मैन्युफैक्चरिंग परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) जनवरी के 55.4 से बढ़कर फरवरी में 56.9 पर पहुंच गया, जो चार महीने का उच्चतम स्तर है। एसएंडपी ग्लोबल के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय वस्तुओं की घरेलू मांग में उल्लेखनीय सुधार से नए ऑर्डर बढ़े और उत्पादन में चार महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई।

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मौसम के अनुसार समायोजित एचएसबीसी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई के नवीनतम आंकड़े इस क्षेत्र की स्थिति में स्पष्ट सुधार को दर्शाते हैं।

एचएसबीसी की चीफ इंडिया इकोनॉमिस्ट (मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री) प्रांजुल भंडारी ने कहा, फरवरी में विनिर्माण गतिविधियों में तेजी देखी गई। लगातार दूसरे महीने उत्पादन की रफ्तार बढ़ी, जिसे मजबूत घरेलू ऑर्डरों का समर्थन मिला।

हालांकि, नए निर्यात ऑर्डरों की वृद्धि में गिरावट का रुझान जारी रहा, जो वर्ष 2025 के मध्य से शुरू हुआ था। इससे विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन कुछ हद तक प्रभावित हुआ।

भारतीय वस्तु उत्पादकों ने बताया कि मजबूत मांग, विपणन संबंधी पहलों और ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों के कारण नए कारोबार में विस्तार हुआ। वृद्धि की रफ्तार ऐतिहासिक रूप से ऊंची रही और पिछले अक्टूबर के बाद सबसे तेज रही।

उत्पादन में भी चार महीनों की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई, जो दीर्घकालिक औसत से अधिक रही। सर्वेक्षण में शामिल कंपनियों के अनुसार दक्षता में सुधार, मजबूत मांग, नए काम के ऑर्डर और तकनीकी निवेश से उत्पादन बढ़ा।

लागत पर दबाव कम रहा और जनवरी के समान मध्यम दर से बढ़ा। हालांकि, तैयार उत्पादों की कीमतों में वृद्धि दीर्घकालिक औसत से अधिक रही।

पीएमआई एक ऐसा सूचकांक है जो नए ऑर्डर, उत्पादन, रोजगार, आपूर्तिकर्ताओं की डिलीवरी समय और खरीदी गई वस्तुओं के भंडार के आधार पर समग्र स्थिति को दर्शाता है।

जहां बाहरी बिक्री बढ़ी, वहां कंपनियों ने एशिया, यूरोप, मध्य पूर्व और अमेरिका से मांग में बढ़ोतरी का हवाला दिया।

रिपोर्ट में कहा गया, एक क्षेत्र जहां वृद्धि में कमी आई, वह नए निर्यात ऑर्डर थे। फरवरी में वृद्धि पिछले 17 महीनों में सबसे धीमी रही और विस्तार की दर दीर्घकालिक औसत के करीब पहुंच गई।

--आईएएनएस

डीबीपी/

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