/newsnation/media/media_files/thumbnails/202602243685347-465636.jpg)
(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में मंगलवार को कहा गया कि वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 8 से 8.1 प्रतिशत के बीच रह सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था ने मजबूत वृद्धि की रफ्तार बनाए रखी है।
उच्च-आवृत्ति (हाई-फ्रीक्वेंसी) गतिविधि के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) में आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्रुप चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा, ग्रामीण खपत मजबूत बनी हुई है, जिसे कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। राजकोषीय प्रोत्साहन (फिस्कल स्टिम्युलस) के समर्थन से शहरी खपत में भी पिछले त्योहारी सीजन से लगातार सुधार देखा जा रहा है।
पहले अग्रिम अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिसमें वृद्धि का मुख्य आधार घरेलू मांग है।
भारत अपनी जीडीपी का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर रहा है। नई सीरीज 27 फरवरी को जारी की जाएगी।
यह संशोधन और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) के आधार वर्ष को 2024 में अपडेट करने का उद्देश्य मौजूदा आर्थिक संरचना को बेहतर तरीके से दर्शाना है, जिसमें डिजिटल कॉमर्स और सेवाओं की बढ़ती भूमिका शामिल है।
इस बदलाव में अनौपचारिक क्षेत्र के बेहतर आकलन और जीएसटी जैसे नए डेटा स्रोतों को शामिल किया जाएगा, जिससे भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभर सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है, महत्वपूर्ण पद्धतिगत बदलाव और नई डेटा सीरीज जारी होने के कारण संशोधन की सीमा का अनुमान लगाना कठिन है।
नई पद्धति में जीएसटी रिकॉर्ड, ई-वाहन (वाहन पंजीकरण) और प्राकृतिक गैस खपत जैसी अधिक विस्तृत जानकारियों को शामिल किया जाएगा।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जीडीपी के दूसरे अग्रिम अनुमान और पिछले तीन वित्त वर्षों के जीडीपी आंकड़े, साथ ही 2022-23 आधार वर्ष के अनुसार तिमाही जीडीपी अनुमान 27 फरवरी को जारी किए जाएंगे।
ताजा आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की संभावित जीडीपी लगभग 7 प्रतिशत आंकी गई है और वित्त वर्ष 2027 में इसके 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच बढ़ने का अनुमान है।
इस बीच, वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं से घिरी हुई है। 2025 और 2026 में वैश्विक वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है, लेकिन भू-राजनीतिक तनाव, ऊंचे कर्ज और डिजिटलीकरण व डीकार्बोनाइजेशन जैसे संरचनात्मक बदलावों के कारण अन्य क्षेत्रों में वृद्धि असमान बनी रह सकती है।
--आईएएनएस
डीबीपी/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
/newsnation/media/agency_attachments/logo-webp.webp)
Follow Us