भारत ने समावेशी एआई के महत्व को सफलतापूर्वक दुनिया के सामने रखा: एक्सेंचर सीईओ जूली स्वीट

भारत ने समावेशी एआई के महत्व को सफलतापूर्वक दुनिया के सामने रखा: एक्सेंचर सीईओ जूली स्वीट

भारत ने समावेशी एआई के महत्व को सफलतापूर्वक दुनिया के सामने रखा: एक्सेंचर सीईओ जूली स्वीट

author-image
IANS
New Update
India successfully conveys importance of inclusive AI: Accenture CEO Julie Sweet

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। एक्सेंचर की सीईओ जूली स्वीट ने गुरुवार को कहा कि भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 ने समावेशी विकास के साथ-साथ समावेशी एआई के महत्व को सफलतापूर्वक दुनिया के सामने रखा है।

Advertisment

समिट के दौरान मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह समिट इस बात की बड़ी पहचान है कि देशों, निजी क्षेत्र और सार्वजनिक क्षेत्र को एक साथ मिलकर काम करना कितना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह भारत के महत्व को भी दर्शाता है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में सरकार ने नई दिल्ली फ्रंटियर एआई इम्पैक्ट कमिटमेंट्स की घोषणा की, जो इस समिट का एक महत्वपूर्ण परिणाम है। इसके तहत अग्रणी एआई कंपनियों और भारत के नवाचारकर्ताओं को साथ लाकर समावेशी और जिम्मेदार एआई को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

जूली स्वीट ने कहा, समिट का एक प्रमुख विषय समावेशी विकास और समावेशी एआई रहा है। दुनिया भर से इतने लोगों की भागीदारी यह दिखाती है कि भारत की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।

इस समिट में भारत मंडपम में आयोजित उद्घाटन समारोह के केंद्र में वैश्विक नेताओं और बड़ी टेक कंपनियों के सीईओ की उपस्थिति रही। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एआई समिट का उद्घाटन किया।

उद्घाटन समारोह ने जिम्मेदार नवाचार, वैज्ञानिक प्रगति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को दिशा देने पर जोर दिया।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार, समिट के उद्घाटन सत्र में वैश्विक राजनीतिक नेताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी ने इसे एक ऐसे मंच के रूप में स्थापित किया है, जो तेजी से बदलती और आपस में जुड़ी दुनिया में एआई के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने एआई को अगला बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर बताया, जिसकी परिवर्तनकारी क्षमता भाप इंजन, बिजली और इंटरनेट जैसी ऐतिहासिक तकनीकों के बराबर है।

उन्होंने भारत की डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए एआई को एक रणनीतिक राष्ट्रीय क्षमता बताया, जो चिप्स और सिस्टम से लेकर ऊर्जा और अनुप्रयोगों तक पूरे तकनीकी ढांचे में विकसित की जा रही है।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment