कौशल विकास और वर्कफोर्स मोबिलिटी पर भारत-फिनलैंड के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता

कौशल विकास और वर्कफोर्स मोबिलिटी पर भारत-फिनलैंड के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता

कौशल विकास और वर्कफोर्स मोबिलिटी पर भारत-फिनलैंड के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता

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IANS
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India, Finland hold bilateral talks on skill development and workforce mobility

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। भारत और फिनलैंड के बीच गुरुवार को कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और वर्कफोर्स मोबिलिटी को लेकर उच्चस्तरीय द्विपक्षीय बैठक हुई, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के अवसरों में सहयोग के नए रास्ते तलाशना था।

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यह चर्चा भारत के कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी और फिनलैंड के रोजगार मंत्री मटियास मार्टिनेन के बीच हुई।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक भविष्य के लिए मजबूत और कुशल प्रतिभा तैयार करने की दिशा में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को दर्शाती है।

जयंत चौधरी ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा और ऊर्जावान कार्यबल का लाभ उठाते हुए धीरे-धीरे ग्लोबल स्किल कैपिटल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता स्किलिंग इकोसिस्टम और बड़ी युवा आबादी वैश्विक उद्योगों के लिए कुशल प्रतिभा उपलब्ध कराने की क्षमता रखती है, जबकि फिनलैंड की तकनीकी और व्यावसायिक विशेषज्ञता भारत की जनसांख्यिकीय ताकत के साथ मिलकर नए अवसर पैदा कर सकती है।

उन्होंने कहा कि बैठक में प्रशिक्षण व्यवस्था के बीच व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने, संस्थागत साझेदारी मजबूत करने और भारतीय युवाओं के लिए वैश्विक अवसरों के रास्ते बनाने पर चर्चा हुई। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि प्रशिक्षण और श्रम गतिशीलता के मानक उच्च स्तर के बने रहें।

फिनलैंड के रोजगार मंत्री मटियास मार्टिनेन ने कहा कि उनका देश व्यावसायिक शिक्षा और कार्यबल विकास के क्षेत्र में भारत के साथ बढ़ती साझेदारी को काफी महत्व देता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिनलैंड में काम कर रहे कुशल भारतीय पेशेवर वहां की अर्थव्यवस्था और कार्यबल को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का मजबूत स्किलिंग इकोसिस्टम और युवा प्रतिभा आगे सहयोग बढ़ाने के लिए बड़े अवसर प्रदान करते हैं। संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग मजबूत करके दोनों देश कार्यबल से जुड़ी चुनौतियों का समाधान कर सकते हैं और साथ ही नवाचार, कौशल विकास और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा दे सकते हैं।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने इस बात पर भी चर्चा की कि भारत का तेजी से बढ़ता स्किलिंग इकोसिस्टम फिनलैंड के श्रम बाजार की जरूरतों के साथ कैसे मेल खा सकता है। खासकर हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन, ग्रीन टेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं बताई गईं।

दोनों देशों ने संरचित वर्कफोर्स मोबिलिटी फ्रेमवर्क तैयार करने, व्यावसायिक योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, प्रशिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, भाषा प्रशिक्षण को शामिल करने और कौशल मानकों को वैश्विक जरूरतों के अनुरूप बनाने पर भी जोर दिया।

सरकार के अनुसार, बैठक में यह भी दोहराया गया कि भारत और फिनलैंड नैतिक और टिकाऊ वर्कफोर्स मोबिलिटी को बढ़ावा देने, व्यावसायिक शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने और संस्थागत साझेदारी के माध्यम से लगातार संवाद जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी/

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