भारत और ब्राजील ने स्टील क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए साइन किया एमओयू

भारत और ब्राजील ने स्टील क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए साइन किया एमओयू

भारत और ब्राजील ने स्टील क्षेत्र में आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए साइन किया एमओयू

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IANS
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New Delhi: PM Modi Meets Brazil President Lula da Silva

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। भारत और ब्राजील ने शनिवार को स्टील क्षेत्र के लिए आवश्यक खनन और खनिजों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

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यह साझेदारी स्टील निर्माण के लिए आवश्यक सामग्रियों की कुशल तैयारी में सहयोग करेगी, स्टील मूल्य श्रृंखला में प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों को सक्षम बनाएगी और भारत-ब्राजील स्टील आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और स्थिरता को बढ़ाएगी।

स्टील मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता स्टील मूल्य श्रृंखला में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के लिए एक संस्थागत ढांचा प्रदान करता है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्टील उत्पादन के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल के विश्वसनीय और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है।

यह सहयोग स्टील क्षेत्र में अन्वेषण, खनन और अवसंरचना विकास में निवेश आकर्षित करने, खनिजों के प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण प्रौद्योगिकियों, अन्वेषण और खनन में स्वचालन और उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग, अन्वेषण प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए भू-वैज्ञानिक डेटा विश्लेषण में एआई के उपयोग, और खनिज निष्कर्षण, प्रसंस्करण और पर्यावरण प्रबंधन में सर्वोत्तम प्रथाओं पर केंद्रित होगा।

ब्राजील के स्टील मंत्रालय और खान एवं ऊर्जा मंत्रालय ने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ब्राजील लौह अयस्क के विश्व के अग्रणी उत्पादकों में से एक है और इसमें स्टील निर्माण के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के पर्याप्त भंडार हैं, जिनमें मैंगनीज, निकेल और नाइओबियम शामिल हैं।

बयान में आगे कहा गया है, ब्राजील के साथ सहयोग बढ़ाने से भारत के इस्पात क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास को बनाए रखने के लिए आवश्यक प्रमुख कच्चे माल और प्रौद्योगिकियों तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।

भारत की वर्तमान इस्पात उत्पादन क्षमता 218 मिलियन टन है।

बुनियादी ढांचे के विकास और औद्योगीकरण से प्रेरित बढ़ती घरेलू मांग को पूरा करने के लिए, भारतीय कंपनियां स्टील उत्पादन क्षमता में महत्वपूर्ण विस्तार कर रही हैं।

यह साझेदारी स्टील उत्पादन के लिए आवश्यक खनिज संसाधनों के विकास के लिए सहयोग को मजबूत करने, खनिज प्रसंस्करण, संवर्धन, पुनर्चक्रण और डेटा-आधारित अन्वेषण में उन्नत प्रौद्योगिकियों तक पहुंच को सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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