भारत की सहायता से म्यांमार में ‘सरसोबेकमैन’ साहित्यिक केंद्र का उद्घाटन, सांस्कृतिक संबंधों को मिली मजबूती

भारत की सहायता से म्यांमार में ‘सरसोबेकमैन’ साहित्यिक केंद्र का उद्घाटन, सांस्कृतिक संबंधों को मिली मजबूती

भारत की सहायता से म्यांमार में ‘सरसोबेकमैन’ साहित्यिक केंद्र का उद्घाटन, सांस्कृतिक संबंधों को मिली मजबूती

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IANS
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India-assisted literary project inaugurated in Myanmar, boosting cultural ties

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

यांगून, 4 मार्च (आईएएनएस)। म्यांमार के यांगून शहर में भारत की सहायता से निर्मित तीन मंजिला साहित्यिक केंद्र ‘सरसोबेकमैन बिल्डिंग’ का बुधवार को उद्घाटन किया गया। लगभग 3.77 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत से बने इस परियोजना का उद्देश्य म्यांमार की साहित्यिक परंपराओं के संरक्षण और विकास को बढ़ावा देना है।

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यह पहल दक्षिण-पूर्व एशियाई देश के सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यांगून में भारतीय दूतावास के अनुसार, उद्घाटन समारोह में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर का विशेष वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। म्यांमार के प्रधानमंत्री यू नयो साव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

म्यांमार में भारत के राजदूत अभय ठाकुर सहित कई म्यांमार मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे। इसके अलावा, म्यांमार के साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत से जुड़े प्रतिष्ठित लेखक, विद्वान और कलाकार तथा म्यांमार में बसे भारतीय समुदाय के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

दूतावास के अनुसार, तीन मंजिला ‘सरसोबेकमैन’ भवन को म्यांमार की समृद्ध साहित्यिक और कलात्मक परंपराओं के विकास को प्रदर्शित करने के लिए तैयार किया गया है, जिसमें बागान काल से लेकर औपनिवेशिक दौर और वर्तमान समय तक की झलक शामिल है। परिसर में प्रदर्शनी स्थल, अभिलेखीय प्रदर्शन, एक मिनी थिएटर और साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए समर्पित सभागार की व्यवस्था की गई है।

यह केंद्र साहित्य, कला और रचनात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए एक जीवंत मंच के रूप में कार्य करेगा। दूतावास ने यह भी बताया कि यह परियोजना भारत और म्यांमार के बीच साहित्यिक संबंधों को रेखांकित करती है, विशेष रूप से बौद्ध धर्म और पाली भाषा सहित साझा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े ग्रंथों के माध्यम से।

दूतावास ने कहा कि यह परियोजना भारत की व्यापक विकास साझेदारी नीति का हिस्सा है। एक समर्पित साहित्यिक और कलात्मक संस्थान के रूप में ‘सरसोबेकमैन’ भवन बौद्धिक संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और रचनात्मक सहयोग के लिए स्थायी मंच साबित होगा।

यह महत्वपूर्ण परियोजना भारत और म्यांमार के बीच साझा सभ्यतागत संबंधों और घनिष्ठ द्विपक्षीय सहयोग को भी दर्शाती है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता और आपसी सद्भाव के मजबूत होते संबंधों को और सुदृढ़ करती है।

--आईएएनएस

डीएससी

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