नेपाल में रैप से राजनीतिक जागरूकता, पीएम पद के जेन-जी उम्‍मीदवार को सपोर्ट करने एकजुट हुए रैपर्स

नेपाल में रैप से राजनीतिक जागरूकता, पीएम पद के जेन-जी उम्‍मीदवार को सपोर्ट करने एकजुट हुए रैपर्स

नेपाल में रैप से राजनीतिक जागरूकता, पीएम पद के जेन-जी उम्‍मीदवार को सपोर्ट करने एकजुट हुए रैपर्स

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IANS
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Nepal: Rappers flock to Jhapa to support Gen Z candidate for PM​ (Photo: IANS)

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

झापा, 2 मार्च (आईएएनएस)। रैप अब एक ऐसी संगीत शैली बन गया है जो सामाजिक बदलाव का जर‍िया बन गया है। अमेर‍िका के ब्रोंक्स से लेकर नेपाल की सड़कों तक इसका असर देखा गया है। नेपाल का उदाहरण ही देखें तो पिछले वर्ष यहां हुए जेन-जी प्रोटेस्ट में बड़ी संख्या में रैपर्स ने हिस्सा लिया था और अपने संगीत के उत्‍साह से लोगों को इकट्ठा क‍िया था।

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नेपाल में पिछले साल सरकार का नेतृत्‍व केपी शर्मा ओली कर रहे थे। उस समय सरकार की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुए। यह आक्रोश कथित रूप से आवाजों को दबाने के खिलाफ था, जिसका इस्तेमाल उस समय के शासकों के खिलाफ विरोध जताने के लिए किया जा रहा था।

जेन-जी प्रदर्शनकारियों को अपनी दमदार प्रस्तुतियों से प्रेरित करने वाले रैप कलाकारों में 35 वर्षीय बालेन शाह भी शामिल थे, जो अब राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के सदस्य हैं और जिन्हें नेपाल के भावी प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है।

बालेन का मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री के गढ़ झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में है। देश में राष्ट्रीय चुनाव गुरुवार, पांच मार्च को होने वाले हैं।

बालेन की जीत के लिए काम करने वालों में से अधिकांश आरएसपी के सदस्य नहीं हैं, बल्कि खुद को युवा आइकन का समर्थक बताते हैं। इनमें 34 वर्षीय राजेश भंडारी और 24 वर्षीय प्रभात बस्नेत भी शामिल हैं।

दोनों झापा जिले के दमक में रहने वाले रैपर और सोशल मीडिया कार्यकर्ता हैं। झापा नेपाल का पूर्वी जिला है, जो भारत की सीमा के निकट स्थित है।

भंडारी ने कहा, “हमारा संगीत विरोध का एक तरीका है और लोगों तक पहुंचने तथा उन्हें जोड़ने का माध्यम है।” वे पिछले 15 वर्षों से इस संगीत के इस रूप के साथ प्रयोग कर रहे हैं और राजनीति से लेकर सामाजिक मुद्दों तथा मनोरंजन तक पर रैप कर चुके हैं।

उन्होंने कहा, “बालेन एक रैपर हैं। मैं उन्हें लगभग 15 साल से जानता हूं और मुझे लगता है कि आज नेपाल का नेतृत्व करने के लिए वे सबसे उपयुक्त हैं। पिछले 40-45 वर्षों में विभिन्न राजनीतिक दलों ने हमारे देश पर शासन किया, लेकिन कुछ नहीं किया, बल्कि सब कुछ नष्ट कर दिया।”

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं छोटा था, तब मैंने रैप लिखे, जिनमें सरकार से पूछा कि हमें और कब तक कष्ट सहना पड़ेगा।”

लगभग दो हफ़्ते पहले, उन्होंने एक एल्बम रिलीज किया, जिसमें असल में बालेन के बनाए गाने थे। “मैं बालेन के गाने गाता हूं। यह एल्बम बालेन को एक ट्रिब्यूट है, बालेन के सपोर्ट में। मैं उन्हें आज के समय का सबसे अच्छा लीडर मानता हूं।

खुद को और अपने शौक को चलाने के लिए, भंडारी सैनिटरी हार्डवेयर का काम करते हैं। वे बताते हैं कि नेपाल के बाहर उन्होंने केवल पश्चिम बंगाल (भारत) के सिलीगुड़ी का दौरा किया है और उन्हें अफसोस है कि वे कभी पश्चिमी देशों को नहीं देख पाए।

उन्होंने कहा, “नेपाल के युवा शायद ही कभी अपने सपनों को हासिल कर पाते हैं।”

इसी बीच, बालेन के चुनाव अभियान में जेन-ज़ी स्वयंसेवकों के समन्वयकों में से एक बसनेट ने कहा कि रैप समझने में आसान और प्रेरणादायक है।

उन्होंने जोर देकर कहा, “हम पिछले साल प्रदर्शनों का नेतृत्व करने के लिए सड़कों पर नहीं उतरे थे। हमारा उद्देश्य प्रदर्शनकारियों को संगठित रखना और उनकी सुरक्षा करना था, ताकि वे नियंत्रण न खो दें या हिंसक न हो जाएं।”

उन्होंने आगे कहा, “बालेन के पास हमारे देश के विकास की योजनाएं हैं। उन्होंने लोगों में आत्मविश्वास जगाया है।”

भंडारी ने भी अपने नेता की क्षमताओं पर जोर देते हुए काठमांडू के मेयर के रूप में उनके प्रशासनिक और राजनीतिक कौशल का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया, “तीन वर्षों के भीतर उन्होंने शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बना दिया।”

--आईएएनएस

एवाई/डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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