अमेरिका-इजरायल हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत, सर्वोच्च नेता खामेनेई और राष्ट्रपति पेजेशकियन सुरक्षित: ईरानी राजदूत

अमेरिका-इजरायल हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत, सर्वोच्च नेता खामेनेई और राष्ट्रपति पेजेशकियन सुरक्षित: ईरानी राजदूत

अमेरिका-इजरायल हमलों में सैकड़ों लोगों की मौत, सर्वोच्च नेता खामेनेई और राष्ट्रपति पेजेशकियन सुरक्षित: ईरानी राजदूत

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IANS
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Hundreds killed in US-Israel attacks; Supreme Leader Khamenei and President Pezeshkian safe: Iranian Envoy

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 28 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान के भारत में राजदूत मोहम्मद फतहली ने दावा किया है कि शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए बड़े पैमाने के हमलों में सैकड़ों निर्दोष ईरानी नागरिक मारे गए हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सुरक्षित हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं।

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आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में फतहली ने कहा कि यह हमला ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक हमले में मिनाब शहर के एक बालिका विद्यालय में 50 से अधिक स्कूली छात्राओं की मौत हुई।

उन्होंने कहा, “ईरान ने न तो युद्ध की शुरुआत की है और न ही वह युद्ध चाहता है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 51 के तहत आत्मरक्षा के अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए ईरान आक्रामकता का कड़ा और निर्णायक जवाब देगा। हमारी प्रतिक्रिया विरोधी पक्ष की कार्रवाई के अनुपात में होगी। आगे की किसी भी वृद्धि की जिम्मेदारी हमलावरों पर होगी।”

सुप्रीम लीडर और राष्ट्रपति कार्यालय को निशाना बनाए जाने की खबरों पर राजदूत ने कहा कि आधिकारिक सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार दोनों नेता पूरी तरह सुरक्षित हैं।

उन्होंने कहा कि आयतुल्ला खामेनेई केवल राजनीतिक नेता ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के शियाओं के धार्मिक मार्गदर्शक और करोड़ों लोगों के प्रेरणास्रोत हैं। उनके खिलाफ किसी भी हमले के गंभीर और दूरगामी परिणाम होंगे, जिसकी जिम्मेदारी अमेरिका और इजरायल पर होगी।

ईरान द्वारा इजरायल पर जवाबी हमलों के बीच बैकचैनल कूटनीति की संभावना पर फतहली ने कहा कि हाल के महीनों में ईरान ने अमेरिका के साथ वार्ता की थी और मतभेदों को राजनीतिक माध्यम से सुलझाने की इच्छा दिखाई थी।

हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने संवाद के बजाय सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुना। उन्होंने कहा, “जब दूसरा पक्ष युद्ध की भाषा बोलता है, तो जवाब भी उसी मैदान में दिया जाएगा। ईरान वैध आत्मरक्षा के तहत कठोर और पीड़ादायक जवाब देगा, जो क्षेत्र की सुरक्षा समीकरण बदल देगा।”

ईरान में मौजूद भारतीय छात्रों और पेशेवरों की सुरक्षा पर उन्होंने कहा कि अब तक किसी भारतीय नागरिक के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।

उन्होंने बताया कि ईरानी अधिकारियों ने सभी विदेशी नागरिकों, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं, के लिए आवश्यक सुरक्षा परामर्श और दिशानिर्देश जारी किए हैं। यदि निकासी की आवश्यकता पड़ी तो ईरान भारत सरकार के साथ पूरा सहयोग करेगा।

फारस की खाड़ी के अन्य देशों में विस्फोटों की खबरों पर राजदूत ने कहा कि ईरान ने किसी भी क्षेत्रीय देश पर हमला नहीं किया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान की जमीन पर हमला होता है तो क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को वैध लक्ष्य माना जाएगा। साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय देशों से अपील की कि वे अपने क्षेत्र या हवाई क्षेत्र का उपयोग ईरान के खिलाफ हमलों के लिए न होने दें।

राजदूत ने दोहराया कि ईरान का उद्देश्य युद्ध का विस्तार करना नहीं, बल्कि आगे की आक्रामकता को रोकना और प्रतिरोधक क्षमता बहाल करना है।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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