जनवरी में म्यूचुअल फंड निवेश बना रहा मजबूत, फ्लेक्सी-कैप फंड्स का रहा जलवा, गोल्ड ईटीएफ में 50 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी

जनवरी में म्यूचुअल फंड निवेश बना रहा मजबूत, फ्लेक्सी-कैप फंड्स का रहा जलवा, गोल्ड ईटीएफ में 50 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी

जनवरी में म्यूचुअल फंड निवेश बना रहा मजबूत, फ्लेक्सी-कैप फंड्स का रहा जलवा, गोल्ड ईटीएफ में 50 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी

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IANS
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Gold ETFs see steep 50 pc rise at Rs 24,040 crore in Jan: AMFI data

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 10 फरवरी (आईएएनएस)। नए साल 2026 के पहले महीने यानी जनवरी के लिए म्यूचुअल फंड्स का डेटा मंगलवार को जारी हो गया है। एम्फी यानी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में जनवरी में गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ईटीएफ) में 50 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई और इसका मासिक निवेश पूरे इक्विटी म्यूचुअल फंड सेगमेंट में सबसे अधिक रहा।

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जनवरी में गोल्ड ईटीएफ में निवेश दोगुना होकर 24,039.96 करोड़ रुपए तक पहुंच गया, जो दिसंबर में 11,647 करोड़ रुपए था। यह दर्शाता है कि लोग शेयर बाजार के साथ-साथ सोने जैसे सुरक्षित निवेश को भी महत्व दे रहे हैं।

इस बीच, जनवरी महीने में एक्टिव इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश 24,029 करोड़ रुपए रहा, जो दिसंबर के 28,054 करोड़ रुपए से लगभग 14 प्रतिशत कम है। यानी म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहा।

नवंबर में इक्विटी फंड्स में 29,911 करोड़ रुपए, तो वहीं उससे पहले अक्टूबर में 24,690 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया था। जुलाई 2025 में इक्विटी फंड्स में अब तक सबसे ज्यादा 42,702 करोड़ रुपए का इन्फ्लो आया था।

हालांकि, कुल म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए जनवरी एक अच्छा महीना साबित हुआ। इस दौरान कुल मिलाकर 1.56 लाख करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जबकि दिसंबर में 66,591 करोड़ रुपए की निकासी हुई थी। इससे साफ है कि निवेशकों का रुझान अब फिर से म्यूचुअल फंड की ओर बढ़ रहा है।

एक्टिव इक्विटी फंड्स में अलग-अलग श्रेणियों में निवेश देखने को मिला। लार्ज-कैप फंड्स में 2,004 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया, जो दिसंबर (1,567 करोड़ रुपए) से ज्यादा है।

मिड-कैप श्रेणी में 3,185.47 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि पिछले महीने इस श्रेणी में कुल निवेश 4,176 करोड़ रुपए था।

स्मॉल-कैप फंडों में 2,942.11 करोड़ रुपए का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया, जबकि दिसंबर में शुद्ध निवेश 3,824 करोड़ रुपए रहा था।

फ्लेक्सी-कैप फंड्स निवेश के मामले में सबसे आगे रहे, जिनमें 7,672.36 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया।

सेक्टरल और थीमैटिक फंड्स में निवेश में भी सुधार देखने को मिला। इस श्रेणी में जनवरी में 1,042 करोड़ रुपए का निवेश आया, जो पिछले महीने की तुलना में करीब 9.2 प्रतिशत ज्यादा है। यह दिखाता है कि निवेशक खास क्षेत्रों से जुड़े फंड्स में भी रुचि ले रहे हैं।

डेट फंड्स के लिए जनवरी बेहद शानदार रहा। दिसंबर में भारी निकासी के बाद जनवरी में डेट फंड्स में 74,827.13 करोड़ रुपए का निवेश आया, जबकि दिसंबर में 1.32 लाख करोड़ रुपए का बहिर्वाह हुआ था।

रातोंरात जमा हुए फंडों में 46,280 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया, जबकि पिछले महीने यह 254.25 करोड़ रुपए था। वहीं लिक्विड फंड्स में 30,681.55 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज किया गया। इससे साफ है कि निवेशक सुरक्षित विकल्पों पर भी भरोसा जता रहे हैं।

हाइब्रिड और पैसिव फंड्स में भी निवेश बढ़ा। हाइब्रिड स्कीम्स में इस महीने 17,356.02 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जबकि पिछले महीने यह निवेश 10,755.57 करोड़ रुपए था। आर्बिट्रेज फंड्स में भी इस महीने 3,293.30 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो दिसंबर में 126.31 करोड़ रुपए था।

जनवरी में एक्टिव इक्विटी में कुल निवेश एनएफओ के माध्यम से 806 करोड़ रुपए रहा। इस महीने में सबसे अधिक एनएफओ सेक्टोरल और थीमेटिक फंड्स के नाम रहे, जिनमें से 2 लॉन्च किए गए।

जनवरी में विभिन्न कटेगरी में कुल 12 नए म्यूचुअल फंड लॉन्च किए गए, जिनसे करीब 1,939 करोड़ रुपए जुटाए गए। हालांकि यह आंकड़ा दिसंबर से कम रहा, लेकिन नए फंड्स में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

वहीं, एसआईपी (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए हर महीने होने वाला निवेश 31,002 करोड़ रुपए पर स्थिर रहा, जो निवेशकों के लंबे समय के भरोसे को दिखाता है।

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के प्रिंसिपल रिसर्चर हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेश प्रवाह सकारात्मक बना हुआ है। इसका कारण लगातार आने वाला एसआईपी निवेश और भारतीय शेयर बाजार की लंबी अवधि की विकास संभावनाओं पर निवेशकों का भरोसा है।

उन्होंने यह भी बताया कि कुल निवेश में आई थोड़ी कमी का मुख्य कारण मिड और स्मॉल कैप सेगमेंट में धीमी होती रफ्तार रही। हालांकि, जनवरी में लार्ज कैप और फोकस्ड फंड्स में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जो दिसंबर के मुकाबले ज्यादा रही।

--आईएएनएस

डीबीपी/

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