डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट, सिल्वर करीब 2 प्रतिशत फिसला

डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट, सिल्वर करीब 2 प्रतिशत फिसला

डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट, सिल्वर करीब 2 प्रतिशत फिसला

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IANS
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Gold dips marginally, silver drops near 2 pc as US dollar gains

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 16 फरवरी (आईएएनएस)। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को कीमती धातुओं यानी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, और इसके पीछे का कारण अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों में सकारात्मक बदलाव के चलते डॉलर की मजबूती रही।

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दिन के कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 0.50 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 1,54,125 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया, जो दिन का निम्नतम स्तर है। वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी करीब 2 प्रतिशत गिरकर 2,35,208 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गई।

हालांकि खबर लिखे जाने तक (अपरह्न 2.47 बजे) एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना 0.25 प्रतिशत यानी 395 रुपए गिरकर 1,55,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, तो वहीं 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी 1.39 प्रतिशत यानी 3,403 रुपए की गिरावट के साथ 2,40,957 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।

जनवरी में अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में आई नरमी के चलते डॉलर इंडेक्स 0.10 प्रतिशत बढ़कर 97 पर पहुंच गया। इससे पहले मजबूत रोजगार आंकड़ों से सूचकांक को मजबूती मिली थी, जो अर्थव्यवस्था की अंतर्निहित मजबूती का संकेत देते हैं। डॉलर मजबूत होने से डॉलर में कीमत तय होने वाले सोने-चांदी अन्य देशों के निवेशकों के लिए महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है।

जनवरी में अमेरिकी सीपीआई में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि दिसंबर में यह 0.3 प्रतिशत बढ़ा था। सालाना आधार पर महंगाई दर जनवरी में 2.4 प्रतिशत रही, जो पिछले महीने के 2.7 प्रतिशत से कम है। मजबूत रोजगार आंकड़ों और संतुलित महंगाई दर से अमेरिकी फेडरल रिजर्व को ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने का अवसर मिल सकता है।

विश्लेषकों के अनुसार, सोने को 1,54,000 और 1,53,150 रुपए के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,56,800 और 1,58,200 रुपए पर रेजिस्टेंस है। वहीं चांदी के लिए 2,38,800 और 2,32,000 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 2,49,100 और 2,55,000 रुपए पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश की तलाश के कारण कीमती धातुओं का लंबी अवधि का रुख अभी भी सकारात्मक है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स चांदी 73 से 84 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रही है, जो पहले 121 डॉलर के रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ चुकी है। हाल की गिरावट के कारण अल्पकालिक दबाव बना हुआ है।

निवेशक अब फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की बैठक के मिनट्स, अमेरिका की जीडीपी के शुरुआती आंकड़े और पीसीई महंगाई डेटा का इंतजार कर रहे हैं, जिससे ब्याज दरों की दिशा के संकेत मिल सकते हैं।

इसके अलावा, अमेरिका-ईरान वार्ता और रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने की कोशिशों से कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ने वाले असर पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।

--आईएएनएस

डीबीपी/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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