डिफेंस से लेकर कनेक्टिविटी तक, भारत और कजाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को देंगे नया आयाम

डिफेंस से लेकर कनेक्टिविटी तक, भारत और कजाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को देंगे नया आयाम

डिफेंस से लेकर कनेक्टिविटी तक, भारत और कजाकिस्तान द्विपक्षीय संबंधों को देंगे नया आयाम

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IANS
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From defence to connectivity, India and Kazakhstan set to deepen strategic partnership

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 18 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव ने बुधवार को राजनीति, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, उभरती टेक्नोलॉजी और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।

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नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने आए बेक्टेनोव की प्रधानमंत्री मोदी ने तारीफ की।

बैठक के बाद एक्स पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, प्रधानमंत्री ओलझास बेक्टेनोव और मैं मिले। उनके दौरे से भारत-कजाकिस्तान स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप और गहरी होगी। व्यापार, एनर्जी, जरूरी मिनरल्स, रेयर अर्थ्स, डिफेंस, कनेक्टिविटी और स्पेस में द्विपक्षीय सहयोग की बहुत गुंजाइश है। हम अपनी दोस्ती को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।

दोनों नेताओं ने राजनीति, ट्रेड, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, एनर्जी, उभरती टेक्नोलॉजी और पीपुल-टू-पीपुल संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।

पिछले हफ्ते, कजाकिस्तान के राजदूत अजमत येसकारायेव ने एमईए की वरिष्ठ अधिकारी बीना जॉर्ज के साथ एक मीटिंग की थी, जहां दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के मौजूदा मुद्दों और इंटर-मिनिस्ट्रियल बातचीत को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा की।

कजाक दूतावास ने मुलाकात के बाद कहा, बैठक के दौरान, कजाक डिप्लोमैट ने भारतीय पक्ष को देश में लागू किए जा रहे मुख्य पॉलिटिकल और इंस्टीट्यूशनल सुधारों के बारे में जानकारी दी। शक्तियों के बैलेंस को मजबूत करने, प्रेसिडेंशियल अथॉरिटी को सीमित करने समेत कई बदलावों पर खास ध्यान दिया गया। उपराष्ट्रपति कार्यालय की शुरुआत को पब्लिक गवर्नेंस की स्थिरता और असर को बेहतर बनाने की दिशा में एक जरूरी कदम के तौर पर हाईलाइट किया गया।

इस बात पर जोर दिया गया कि ये सुधार पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने, कानून के राज को पक्का करने और नागरिकों की भलाई और सुरक्षा में सुधार करने के लिए गढ़े गए हैं।

दोनों पक्षों ने नागरिकों के अधिकारों और जायज हितों की सुरक्षा सहित मौजूदा कॉन्सुलर मामलों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया।

--आईएएनएस

केआर/

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