चीन के बंद ऐप इकोसिस्टम से अटकी एजेंटिक एआई की राह: रिपोर्ट

चीन के बंद ऐप इकोसिस्टम से अटकी एजेंटिक एआई की राह: रिपोर्ट

चीन के बंद ऐप इकोसिस्टम से अटकी एजेंटिक एआई की राह: रिपोर्ट

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IANS
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Fragmented apps, devices hinder agentic AI development in China: Report

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 8 मार्च (आईएएनएस)। चीन के डोबाओ फोन विवाद पर एक र‍िपोर्ट सामने आई है। र‍िपोर्ट में कहा गया है क‍ि एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तभी सफल हो सकती है, जब वह अलग-अलग ऐप्स और जुड़े हुए डिवाइसों के बीच बिना रुकावट के काम कर सके। चीन का बिखरा हुआ मोबाइल इकोसिस्टम इस तरह की इंटरऑपरेबिलिटी को रोकता है।

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लॉफेयर मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के सब कुछ करने वाले ऐप्स जैसे वीचैट और अलीपे बंद इकोसिस्टम बनाते हैं जो एआई एजेंट को कैलेंडर, ईमेल, चैट लॉग और पेमेंट क्रेडेंशियल तक पहुंचने से रोकते हैं। अगर ये बड़ी परमिशन सभी डिवाइस पर दी जाती है, तो इससे डेटा प्राइवेसी और सिक्योरिटी को नुकसान होता है। रिपोर्ट में इसे ही पश्चिमी दुनिया में ओपनक्लॉ और चीन में डोबाओ फोन पर विवाद की जड़ बताया गया है।

रिपोर्ट में बताया गया, “इसका मतलब यह है कि जब एआई एजेंट किसी ऐप का उपयोग करके कोई काम पूरा करने की कोशिश करते हैं (जैसे कि वीचैट में आए उस टेक्स्ट मैसेज की सामग्री देखना जिसमें डिनर पर मिलने की योजना की बात हो) तो यह काम तब तक असफल रहेगा जब तक एजेंट के पास उस ऐप के बंद इकोसिस्टम (वॉल्ड गार्डन) के अंदर मौजूद जानकारी को पढ़ने और उस पर कार्रवाई करने की अनुमति नहीं होगी।”

डोबाओ फोन में मौजूद एजेंट स्क्रीन पढ़ सकता है और यूजर की तरह काम कर सकता है। इसी वजह से बड़े ऐप्स जैसे टोबाओ, अलीपे और वीचैट ने इसे ब्लॉक कर दिया, क्योंकि उन्हें धोखाधड़ी और डेटा लीक का डर था।

चूंकि चीन में गूगल की सेवाएं ब्लॉक हैं, इसलिए वहां के एंड्रॉयड स्मार्टफोन निर्माताओं ने एंड्रॉयड के ओपन-सोर्स सिस्टम पर चलने वाला जीएसएम (ग्‍लोबल मोबाइल सर्व‍िस) जैसा अपना अलग सिस्टम विकसित कर लिया है।

इसका परिणाम यह है कि अगर चीनी उपयोगकर्ता किसी एक कंपनी का फोन छोड़कर दूसरी कंपनी का फोन लेते हैं, तो उन्हें ऐप स्टोर, क्लाउड सेवाएं, असिस्टेंट, पुश नोटिफिकेशन और कई अन्य सेवाएं भी बदलनी पड़ती हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि डेवलपर्स को भी अपने ऐप्स को हर निर्माता के अलग-अलग प्रोपायटरी सिस्टम के अनुसार ढालना पड़ता है, अगर वे अलग-अलग देशों में अपने ऐप्स उपलब्ध कराना चाहते हैं। इससे चीनी मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम में और जटिलता पैदा होती है।

हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार चीन के भीतर अब एजेंटिक एआई के लिए नियम और मानक तय करने की होड़ चल रही है, ताकि इन चुनौतियों को दूर किया जा सके। जो भी इसमें जीत हासिल करेगा, वही डेटा एक्सेस, सुरक्षा प्रमाणीकरण और अन्य सुरक्षा नियमों के लिए दिशानिर्देश तय करेगा।

--आईएएनएस

एवाई/डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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