विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में दमदार वापसी; फरवरी में 22,615 करोड़ रुपए निवेश किए

विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में दमदार वापसी; फरवरी में 22,615 करोड़ रुपए निवेश किए

विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में दमदार वापसी; फरवरी में 22,615 करोड़ रुपए निवेश किए

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IANS
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FPIs pump Rs 22,615 crore into Indian equities in Feb, highest in 17 months

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

मुंबई, 1 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की फरवरी में दमदार वापसी हुई है। इस दौरान उन्होंने 22,615 करोड़ रुपए का निवेश किया है।

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यह बीते 17 महीनों में विदेशी निवेशकों की ओर से आया सबसे अधिक मासिक प्रवाह है। इससे पहले लगातार तीन महीने विदेशी निवेशक शुद्ध विक्रेता थे।

भारत-अमेरिका के अंतरिम व्यापार समझौते, घरेलू बाजार के मूल्यांकन में सुधार और तीसरी तिमाही में कंपनियों के मजबूत नतीजों जैसे सकारात्मक घटनाक्रमों से नए सिरे से खरीदारी को बल मिला। इस नए आत्मविश्वास ने हाल ही में हो रही निकासी के ट्रेंड को पलटने में मदद की।

डिपॉजिटरी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में एफपीआई ने 35,962 करोड़ रुपए, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपए और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपए निकाले थे।

बीते पूरे वर्ष (2025) में विदेशी निवेशक शुद्ध विक्रेता रहे थे और इस दौरान उन्होंने 1.66 लाख करोड़ रुपए (18.9 अरब डॉलर) की निकासी की थी।

इस निकासी की वजह मुद्रा में अस्थिरता, वैश्विक व्यापार तनाव, अमेरिका द्वारा संभावित टैरिफ को लेकर चिंताएं और शेयरों के उच्च मूल्यांकन था।

फरवरी में विदेशी निवेशकों का निवेश सितंबर 2024 के बाद सबसे अधिक है, जब विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में 57,724 करोड़ रुपए का निवेश किया था।

इससे पहले, एमके ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि मुद्रा अस्थिरता कम होने के बाद भारतीय शेयरों में विदेशी निवेश में उछाल आने की उम्मीद है।

ब्रोकरेज फर्म ने रुपए की कमजोरी को एक अस्थायी दौर बताया था और कहा था कि भारतीय बाजारों के लिए दीर्घकालिक दृष्टिकोण मजबूत बना हुआ है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि विदेशी निवेशकों (एफपीआई) द्वारा बिकवाली के दौर में बाजार की स्थिरता बनाए रखने में घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय शेयर बाजार निवेशकों (एफपीआई) की तुलना में अब डीआईआई की भारतीय शेयर बाजार में हिस्सेदारी अधिक है और इन्होंने बाजार की अस्थिरता के विरुद्ध एक सुरक्षा कवच का काम किया है।

ब्रोकरेज फर्म के अनुसार, घरेलू बचत का शेयर बाजार में निवेश करने का दीर्घकालिक रुझान बरकरार है।

फर्क फर्म को उम्मीद है कि स्थिर घरेलू निवेश प्रवाह के समर्थन से अगले दशक में घरेलू बचत में शेयर बाज़ार की हिस्सेदारी बढ़ेगी।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि घरेलू बचत में सोने की हिस्सेदारी में हालिया वृद्धि के बावजूद, शेयर बाजार में निवेश पर इसका कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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