यूरोपीय संघ के साथ डील ने अमेरिका को भारत के साथ समझौता करने के लिए प्रेरित किया, मोदी-ट्रंप की दोस्ती ने भी की मदद : मार्क मोबियस

यूरोपीय संघ के साथ डील ने अमेरिका को भारत के साथ समझौता करने के लिए प्रेरित किया, मोदी-ट्रंप की दोस्ती ने भी की मदद : मार्क मोबियस

यूरोपीय संघ के साथ डील ने अमेरिका को भारत के साथ समझौता करने के लिए प्रेरित किया, मोदी-ट्रंप की दोस्ती ने भी की मदद : मार्क मोबियस

author-image
IANS
New Update
EU deal drove US to sign deal with India, Modi-Trump friendship helped: Mark Mobius

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 4 फरवरी (आईएएनएस)। अरबपति निवेशक मार्क मोबियस ने बुधवार को कहा कि भारत के यूरोपीय संघ के साथ हालिया व्यापारिक समझौते ने अमेरिका को भारत के साथ अपने समझौते को तेजी से पूरा करने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

Advertisment

मोबियस का मानना ​​है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती ने भी इस समझौते को सफल बनाने में मदद की, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट किया कि समझौते को मुख्य रूप से दोनों पक्षों के वार्ताकारों ने ही आकार दिया है।

आईएएनएस से बातचीत में मोबियस ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को फादर ऑफ ऑल ट्रेड डील नहीं कहा जाना चाहिए।

दिग्गज निवेशक ने बताया कि भारत का यूरोपीय संघ के साथ हुआ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इससे अधिक महत्वपूर्ण होने की संभावना है।

उन्होंने सुझाव दिया कि यूरोपीय संघ के साथ समझौते को आगे बढ़ाने का भारत का निर्णय उसकी स्वतंत्रता दर्शाता है और संभवतः इससे अमेरिका को भारत के साथ अपने समझौते को अंतिम रूप देने में तेजी लाने के लिए प्रोत्साहन मिला होगा।

जब उनसे पूछा गया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी, डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने अच्छे संबंधों के कारण अमेरिका से अनुकूल समझौता हासिल करने में सफल रहे, तो मोबियस ने कहा कि यह समझौता दोनों पक्षों के वार्ताकारों की टीमों द्वारा तैयार किया गया था।

उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के नेताओं के लिए अच्छे संबंधों के कारण प्रोसेस को आसान बनाने में मदद मिली है।

भारत की आर्थिक वृद्धि पर अनुभवी निवेशक ने आत्मविश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत निकट भविष्य में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर निश्चित रूप से अग्रसर है।

उन्होंने अन्य प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में देश की मजबूत विकास गति की ओर इशारा किया।

शेयर बाजारों के बारे में बात करते हुए मोबियस ने कहा कि यह अनुमान लगाना कठिन है कि क्या भारतीय बाजार इस वर्ष 1,00,000 का आंकड़ा छू पाएंगे।

वर्तमान स्थिति में, उन्हें लगता है कि इतनी तीव्र वृद्धि संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि की आवश्यकता होगी, जो फिलहाल बहुत अधिक है।

मोबियस ने उन प्रमुख कारकों पर भी प्रकाश डाला जो भारत को मजबूत आर्थिक विकास बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, “देश की युवा आबादी और तीव्र शहरीकरण एक विशाल उपभोक्ता आधार का निर्माण कर रहे हैं। साथ ही, बढ़ते निर्यात अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “ये कारक भारत को आने वाले वर्षों में उच्च स्तर की विकास दर बनाए रखने में मदद करेंगे।”

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment