सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने येरेवन में आर्मेनियाई नरसंहार स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने येरेवन में आर्मेनियाई नरसंहार स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की

सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने येरेवन में आर्मेनियाई नरसंहार स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की

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IANS
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CDS General Anil Chauhan lays wreath at Armenian Genocide Memorial and Museum in Yerevan

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

येरेवन, 2 फरवरी (आईएएनएस)। चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आर्मेनिया पहुंचे भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने सोमवार को येरेवन स्थित आर्मेनियाई नरसंहार स्मारक और संग्रहालय में पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने नरसंहार में मारे गए करीब 15 लाख आर्मेनियाई नागरिकों की स्मृति को नमन किया।

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इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि जनरल अनिल चौहान ने आर्मेनियाई नरसंहार स्मारक एवं संग्रहालय में पुष्पांजलि अर्पित कर नरसंहार में जान गंवाने वाले 15 लाख आर्मेनियाइयों को श्रद्धांजलि दी। स्मारक की प्रतीकात्मक संरचनाएं और उससे जुड़ा संग्रहालय मानवीय पीड़ा, संघर्षशीलता और स्मरण, न्याय एवं शांति के सार्वभौमिक महत्व की सशक्त याद दिलाते हैं।

भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जनरल अनिल चौहान रविवार को चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आर्मेनिया पहुंचे थे। यह यात्रा दोनों देशों के साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने और दीर्घकालिक रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय ने बताया कि भारतीय रक्षा प्रतिनिधिमंडल का येरेवन में गर्मजोशी से स्वागत भारत की आर्मेनिया में राजदूत नीलाक्षी साहा सिन्हा और आर्मेनिया सशस्त्र बलों के उप प्रमुख मेजर जनरल तेमुर शाहनजार्यान ने किया।

गौरतलब है कि दो सप्ताह पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आर्मेनिया को भेजी जाने वाली गाइडेड पिनाका रॉकेट प्रणाली की पहली खेप को रवाना किया था। यह प्रणाली पुणे स्थित सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा निर्मित की गई है।

आर्मेनिया ने सितंबर 2022 में लगभग 2,000 करोड़ रुपये के सौदे के तहत चार पिनाका रॉकेट सिस्टम बैटरियों की खरीद के लिए भारत के साथ अनुबंध किया था। इस समझौते में अनगाइडेड, विस्तारित रेंज और गाइडेड संस्करण शामिल हैं। आर्मेनिया पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर का पहला अंतरराष्ट्रीय ग्राहक भी बना, जिसे भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है।

यह समझौता रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने और भारत को एक प्रमुख वैश्विक रक्षा निर्यातक के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

पिनाका अनगाइडेड रॉकेट सिस्टम की पहली खेप की आपूर्ति जुलाई 2023 में शुरू हुई थी और इसे 2024 के अंत तक पूरा कर लिया गया, जिसके बाद उन्नत संस्करणों की आगे की खेप भेजे जाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।

रक्षा निर्यात पर पहले दिए गए बयान में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि पिनाका मिसाइलों की खेप भारत के रक्षा उद्योग की बढ़ती ताकत और परिपक्वता को दर्शाती है। उन्होंने कहा था कि भारत अब केवल रक्षा उपकरणों का आयातक नहीं रहा, बल्कि वैश्विक मंच पर एक प्रमुख निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

--आईएएनएस

डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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