बलोच लिबरेशन आर्मी ने सात पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को मारने का किया दावा

बलोच लिबरेशन आर्मी ने सात पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को मारने का किया दावा

बलोच लिबरेशन आर्मी ने सात पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को मारने का किया दावा

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IANS
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BLA claims it killed seven Pakistani military personnel captured during Operation Herof II

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

क्वेटा, 3 मार्च (आईएएनएस)। बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने मंगलवार को दावा किया कि उसने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 के दौरान पकड़े गए सात पाकिस्तानी सैन्य कर्मियों को सीनियर कमांड काउंसिल के आदेश पर मार द‍िया है।

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द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीएलए ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तानी सेना की रेगुलर यूनिट्स से जुड़े सात लोगों को बलूच नेशनल कोर्ट ने जबरन गायब करने, आम लोगों के खिलाफ गलत काम करने और दूसरे वॉर क्राइम में शामिल होने के लिए सजा सुनाई।

द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताब‍िक, बीएलए ने कहा कि उसने 14 फरवरी को कैदियों की अदला-बदली के लिए सात दिन का अल्टीमेटम दिया था, जिसे बाद में 14 दिन तक बढ़ा दिया गया। ग्रुप ने इस बढ़े हुए समय के दौरान यह नतीजा निकाला कि पाकिस्तानी मिलिट्री के अधिकारी अपने लोगों की रिहाई को लेकर गंभीर नहीं थे।

ग्रुप के जारी बयान के मुताबिक, कैदियों की संभावित अदला-बदली के बारे में शुरुआती संपर्कों का इस्तेमाल इलाके में मिलिट्री की बढ़त के लिए किया गया, जबकि पाकिस्तानी सेना ने उसी समय गनशिप हेलीकॉप्टर, ड्रोन और भारी तैनाती वाले ऑपरेशन किए।

बीएलए ने कहा कि सीनियर कमांड काउंसिल का तर्क था कि मानवीय छूट अवधि का उपयोग दुश्‍मनी बढ़ाने और बलोच लड़ाकों को निशाना बनाने के लिए किया गया। इस धोखे से यह सिद्ध होता है कि पाकिस्तानी सेना केवल शक्ति और कार्रवाई की भाषा समझती है।

बयान के अनुसार, सभी सात कैदियों के खिलाफ सजा मंगलवार को बलोच नेशनल कोर्ट के निर्णय के अनुसार लागू की गई। बीएलए ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना की उच्च कमान सात सैन्य कर्मियों की मौत के लिए जिम्मेदार है।

पिछले महीने बीएलए ने बलोचिस्तान प्रांत में एक श्रृंखला के समन्वित हमलों की जिम्मेदारी ली, जिसमें 80 से अधिक लोग मारे गए थे, जिनमें पाकिस्तानी सेना, पुलिस, खुफिया एजेंसियों और काउंटर-टेररिज्म यूनिट के कर्मी शामिल थे। समूह ने इस अभियान को ऑपरेशन हेरोफ 2.0 बताया।

बीएलए के प्रवक्ता जिय्यंद बलोच के अनुसार, समन्वित हमले लगभग 10 घंटे तक जारी रहे और यह बलोचिस्तान के कई जिलों में किए गए। बीएलए ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने क्वेटा, नोश्की, मस्तुंग, दलबंदिन, कलात और कई दूसरे शहरों में हमला किया।

द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, इन इलाकों को पाकिस्तानी सरकार के जरूरी मिलिट्री और एडमिनिस्ट्रेटिव सेंटर माना जाता है।

अपने बयान में बीएलए ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान कम से कम 84 पाकिस्तानी सुरक्षा बल के सदस्य मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए। समूह ने आगे दावा किया कि 18 सुरक्षा कर्मियों को हमले के दौरान बंदी बनाया गया।

मिलिट्री ऑर्गनाइजेशन ने यह भी कहा कि 30 से अधिक सरकारी संपत्तियों को या तो जब्त किया गया या नष्ट किया गया। इनमें कथित रूप से सरकारी कार्यालय, बैंक और जेलें शामिल थीं। इसके अलावा, समूह ने दावा किया कि 20 से अधिक वाहनों को आग लगा दी गई।

बीएलए ने आगे कहा कि उसके लड़ाके कई क्षेत्रों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की आवाजाही को अस्थायी रूप से बाधित करने में सफल रहे और ऑपरेशन के दौरान कुछ क्षेत्रों पर सीमित समय के लिए नियंत्रण प्राप्त किया।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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