बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद कानून के गलत इस्‍तेमाल का दावा, निर्दोषों को फंसाने का आरोप

बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद कानून के गलत इस्‍तेमाल का दावा, निर्दोषों को फंसाने का आरोप

बांग्लादेश में 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद कानून के गलत इस्‍तेमाल का दावा, निर्दोषों को फंसाने का आरोप

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IANS
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Chattogram: Chinmoy Krishna Das, a senior monk of the International Society for Krishna Consciousness (ISKCON), is produced in Chattogram Court by Bangladesh police

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

ढाका, 27 फरवरी (आईएएनएस)। अगस्त 2024 में हुए राजनीतिक बदलाव के बाद बांग्लादेश में दर्ज मामलों की संख्या में भारी उछाल ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी नेताओं, पत्रकारों और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि इस दौर में हजारों निर्दोष लोगों को कानूनी मामलों में फंसाकर पुरानी रंजिशें और राजनीतिक बदले चुकता किए गए, जिससे देश की कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार स्थिति पर चिंता गहरा गई है।

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स्थानीय मीडिया ने शुक्रवार को जानकारी दी क‍ि ये दावे 2024 के राजनीतिक बदलाव के बाद देश भर में दर्ज मामलों में तेजी से बढ़ोतरी के बीच आए हैं।

बांग्लादेश के होम मिनिस्टर सलाहुद्दीन अहमद के मुताबिक, अगस्त 2024 के पॉलिटिकल बदलाव के बाद दर्ज किए गए कई मामलों में निहित स्वार्थों ने कई आम और बेगुनाह लोगों को फंसाया था। उन्होंने कहा कि पुलिस को इन मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

बांग्लादेश के गृह मंत्रालय और पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का हवाला देते हुए प्रमुख दैनिक ढाका ट्रिब्यून ने रिपोर्ट किया कि पांच अगस्त 2024 से लेकर 13वें राष्ट्रीय चुनाव तक देशभर में करीब 22 हजार मामले दर्ज किए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, कुल मामलों में से कम से कम 7,500 मामले राजनीतिक हिंसा और तोड़फोड़ से संबंधित थे। लगभग 1,500 मामले हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े थे। 1,200 मामले विशेष शक्तियां अधिनियम, 1974 तथा डिजिटल सुरक्षा अधिनियम के तहत दर्ज किए गए।

इसके अतिरिक्त, दो हजार से अधिक मामले तोड़फोड़ और विस्फोटक कानूनों के तहत दर्ज किए गए, जबकि करीब 10 हजार मामलों में चोरी, भूमि कब्जा और मारपीट के आरोप शामिल थे।

बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद के अनुसार, अगस्त 2024 के राजनीतिक परिवर्तन के बाद दर्ज कई मामलों में स्वार्थी तत्वों ने अनेक आम और निर्दोष लोगों को फंसा दिया। पुलिस को इन मामलों की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

ढाका स्थित ह्यूमन राइट्स सपोर्ट सोसाइटी (एचआरएसएस) ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से लेकर इस वर्ष 31 जनवरी तक विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कम से कम 349 मामले दर्ज किए गए।

आंकड़ों के अनुसार, इन मामलों में 29,772 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया, जबकि 65 हजार से अधिक लोगों को अज्ञात संदिग्ध के रूप में उल्लेखित किया गया।

संगठन ने दर्ज किया कि 222 पत्रकारों को 49 मामलों में आरोपी बनाया गया। इसी अवधि के दौरान 834 पत्रकार हत्या, यातना या उत्पीड़न के शिकार हुए। इसी समय देश के साइबर सुरक्षा अधिनियम, 2025 के तहत 41 मामले दर्ज किए गए।

देश में कानून-व्यवस्था और मानवाधिकार स्थिति में गिरावट पर चिंता व्यक्त करते हुए एचआरएसएस ने कहा कि जुलाई 2024 के प्रदर्शनों के बाद मानवाधिकार उल्लंघन, विशेषकर हिंसा से जुड़े मामलों में, लगातार वृद्धि हुई।

पुलिस सूत्रों का हवाला देते हुए ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि पूर्व मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के कार्यकाल में दर्ज मामलों में से 30 से 40 प्रतिशत मामलों में आरोपपत्र दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि 20 प्रतिशत से अधिक मामलों की जांच जारी है। कई मामलों में अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई है, जिसके परिणामस्वरूप कई आरोपियों को बरी कर दिया गया है।

अल्पसंख्यकों, पत्रकारों और राजनीतिक विरोधियों पर हमलों से चिह्नित, यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के 18 महीने के कार्यकाल के दौरान बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति गंभीर बनी रही।

--आईएएनएस

एवाई/एबीएम

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