भारत में औसत वेतन वृद्धि 2026 में 9.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद

भारत में औसत वेतन वृद्धि 2026 में 9.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद

भारत में औसत वेतन वृद्धि 2026 में 9.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद

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IANS
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Average salary in India to grow 9.1 pc in 2026 higher than CY25 growth

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। भारत में औसत वेतन वृद्धि 2026 में 9.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है, जो कि 2025 में 8.9 प्रतिशत थी। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

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प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म एओन पीएलसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि वेतन वृद्धि इंडस्ट्री के अनुसार अलग-अलग होगी, जिसमें रियल एस्टेट या इंफ्रास्ट्रक्चर और एनबीसीएफसी में क्रमशः 10.2 प्रतिशत और 10.1 प्रतिशत की उच्चतम वृद्धि होने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में कहा गया कि टेक्नोलॉजी, कंसल्टिंग और सर्विसेज इंडस्ट्री की वृद्धि दर सबसे कम 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, ऑटोमोटिव और वाहन निर्माण, इंजीनियरिंग डिजाइन सेवाएं, इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग एवं खुदरा क्षेत्र में भी औसत से थोड़ी अधिक वेतन वृद्धि होने की संभावना है।

खुदरा क्षेत्र के कर्मचारियों के वेतन में औसतन 9.5 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है, जबकि लाइफ साइंस कंपनियों के वेतन में 9.4 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है। वैश्विक क्षमता केंद्रों के वेतन में 9.3 प्रतिशत और फंड एवं एसेट मैनेजनेंट कंपनियों के वेतन में 8.5 प्रतिशत की वृद्धि का पूर्वानुमान है।

रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि 1,400 से अधिक संगठनों और 45 उद्योगों को शामिल करने वाले इस अध्ययन में पाया गया कि भारत में नियोक्ता प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और ग्राहक-केंद्रित क्षमताओं को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, क्योंकि बदलते बाजार परिवेश में संगठन विशिष्ट प्रतिभाओं के लिए प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, कर्मचारियों के नौकरी छोड़ने की दर 2025 में घटकर 16.2 प्रतिशत हो गई, जो 2024 में 17.7 प्रतिशत और 2023 में 18.7 प्रतिशत थी। यह सभी उद्योगों में कर्मचारियों को बनाए रखने में लगातार सुधार का संकेत देता है।

कंपनी ने कहा कि यह सामान्यीकरण अधिक लक्षित भर्ती प्रक्रियाओं और कर्मचारी सहभागिता, करियर विकास और कार्यस्थल स्थिरता पर अधिक जोर देने को दर्शाता है।

कंपनी ने अनुमान लगाया कि अधिक स्थिर और सहभागी कार्यबल और बेहतर अंतर्निहित प्रतिभा वातावरण के साथ, संगठन लक्षित कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करने, भविष्य के लिए महत्वपूर्ण क्षमताओं में निवेश करने और दीर्घकालिक विकास को समर्थन देने के लिए मजबूत प्रतिभा पाइपलाइन बनाने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।

एओन के टैलेंट सॉल्यूशंस, इंडिया के एसोसिएट पार्टनर अमित कुमार ओटवानी ने कहा,“भारत में श्रम संहिता के अधिसूचित होने के साथ ही, संगठन दशकों में सबसे महत्वपूर्ण नियामक परिवर्तनों में से एक का सामना कर रहे हैं।”

ओटवानी ने बताया कि वेतन की मानकीकृत परिभाषा और विस्तारित सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों के कारण कई नियोक्ता मुआवजे का पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गठन कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इन परिवर्तनों के बारे में स्पष्ट संचार कार्यबल के विश्वास और स्थिरता को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

--आईएएनएस

एबीएस/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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