अनिश्चित वैश्विक माहौल में एशिया को रहना होगा आर्थिक रूप से मजबूत: आईएमएफ चीफ

अनिश्चित वैश्विक माहौल में एशिया को रहना होगा आर्थिक रूप से मजबूत: आईएमएफ चीफ

अनिश्चित वैश्विक माहौल में एशिया को रहना होगा आर्थिक रूप से मजबूत: आईएमएफ चीफ

author-image
IANS
New Update
Asia must stay agile and prepared as global shocks become more frequent: IMF Chief

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने गुरुवार को वैश्विक अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता पर गहरी च‍िंता व्‍यक्‍त की। क्रिस्टालिना ने कहा क‍ि दुनिया को लगातार ऐसे झटके लग रहे हैं, जिनका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, इसल‍िए एशिया में नीति-निर्माताओं और व्यवसायों को चुस्त और आर्थिक रूप से मजबूत बने रहना होगा।

Advertisment

बैंकॉक में एक सभा में बोलते हुए क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था लगातार अनिश्चितता के दौर में प्रवेश कर रही है। देशों को नई चुनौतियों के लिए तैयार रहने की जरूरत है, जो कभी भी सामने आ सकती हैं।

उन्होंने कहा कि सरकारों को अपने कंट्रोल से बाहर की चीजों पर चिंता करने के बजाय अपनी अर्थव्‍यवस्‍था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

जॉर्जीवा ने कहा, दुनिया अभी टेक्नोलॉजी, जनसांख्यिकी, व्यापार और भू-राजनीति में बड़े बदलाव देख रही है।

उन्होंने आगे कहा, ये बदलाव बार-बार आने वाले ग्लोबल झटकों के साथ मिलकर, एक ज्यादा अनिश्चित इकोनॉमिक माहौल बना रहे हैं।

उन्होंने मिडिल ईस्ट में हाल के झगड़े का भी जिक्र किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि अगर यह लंबे समय तक जारी रहा तो यह ग्लोबल इकोनॉमिक स्टेबिलिटी पर असर डाल सकता है।

उन्होंने कहा, “लंबा खिंचने वाला संघर्ष वैश्विक ऊर्जा कीमतों, बाजार की धारणा, आर्थिक विकास और मुद्रास्फीति को प्रभावित कर सकता है और दुनिया भर के नीति-निर्माताओं पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि कई एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के लिए ऊर्जा सुरक्षा अभी भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है। हाल की घटनाओं के कारण क्षेत्र के शेयर बाजारों में पहले ही अस्थिरता देखी गई है।

जॉर्जीवा ने कहा, “टकराव का जल्दी समाधान ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होगा।”

साथ ही, उन्होंने बताया कि एशिया ने पिछले 25 वर्षों में शानदार आर्थिक तरक्की की है।

जॉर्जीवा ने कहा, “2000 के शुरुआती वर्षों से जब क्षेत्र के कई देश वित्तीय संकट से उबर रहे थे, एशिया ने वित्तीय क्षेत्र की निगरानी को मजबूत किया है, बड़े विदेशी मुद्रा भंडार बनाए हैं और आर्थिक स्थिरता में सुधार किया है।”

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की चीफ ने कहा कि एशियाई देशों को उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए, खासकर नई तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता का बेहतर उपयोग करके।

उन्होंने आगे कहा, “एआई का फायदा उठाने के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और स्किल डेवलपमेंट में बड़े निवेश की जरूरत होगी।”

जॉर्जीवा ने जोर दिया कि ऐसी मजबूत नीतियां जरूरी हैं जो नवाचार को प्रोत्साहित करें, नियामकीय बाधाओं को हटाएं और निजी निवेश को समर्थन देने के लिए वित्तीय बाजारों को मजबूत बनाएं।

उन्होंने कहा, “एआई के आसपास उच‍ित सुरक्षा उपाय रखना भी जरूरी होगा, क्योंकि यह टेक्नोलॉजी अलग-अलग अर्थव्यवस्थाओं में फैल रही है।”

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment