भारत के साथ ट्रेड डील से अमेरिकी मछुआरों को होगा नुकसान : रिपब्लिकन सदस्य क्ले हिगिंस

भारत के साथ ट्रेड डील से अमेरिकी मछुआरों को होगा नुकसान : रिपब्लिकन सदस्य क्ले हिगिंस

भारत के साथ ट्रेड डील से अमेरिकी मछुआरों को होगा नुकसान : रिपब्लिकन सदस्य क्ले हिगिंस

author-image
IANS
New Update
American shrimp industry hit by India trade deal: Republican Congressman

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वाशिंगटन, 11 फरवरी (आईएएनएस)। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते के बाद लुइसियाना के एक रिपब्लिकन कांग्रेसी क्ले हिगिंस ने अमेरिकी श्रिम्पर्स (झींगा मछली) पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इंडियन सीफूड पर कम टैरिफ से घरेलू उद्योग को नुकसान हो सकता है।

Advertisment

रिपब्लिकन सदस्य क्ले हिगिंस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि वह ट्रेड को फिर से बैलेंस करने की कोशिशों का समर्थन करते हैं, लेकिन उन्होंने गल्फ कोस्ट के मछुआरों पर पड़ने वाले नतीजों को लेकर चिंता जताई।

हिगिंस ने पत्र में लिखा, मैं हाल में हुए अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की रूपरेखा और अमेरिका के पक्ष में ट्रेड को फिर से बैलेंस करने के बड़े लक्ष्य को सुरक्षित करने में आपके नेतृत्व की प्रशंसा करता हूं, लेकिन मैं हमारे घरेलू श्रिम्पर्स और मछुआरों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंतित हूं।

उन्होंने चेतावनी दी कि भारतीय सामान पर टैरिफ कम करने से कम क्वालिटी वाले और खेतों में पाले गए भारतीय श्रिम्प के लिए रास्ते फिर से खुल जाएंगे। हिगिंस ने कहा, भारत लंबे समय से अमेरिका में श्रिम्प के सबसे बड़े इंपोर्टर्स में से एक रहा है। आपके पहले के टैरिफ एक्शन से अस्थायी राहत मिली थी और श्रिम्पर्स को फायदा हुआ था।

लुइसियाना के सांसद ने घरेलू प्रोडक्शन स्टैंडर्ड की तुलना इंपोर्ट से की। उन्होंने लिखा, हमारे जंगली गल्फ श्रिम्प दुनिया में सबसे अच्छे श्रिम्प में से हैं। इन्हें कड़े पर्यावरण और श्रम मानकों से तैयार किया जाता है। इसके बिल्कुल उलट, अमेरिका में इंपोर्ट किए जाने वाले ज्यादातर श्रिम्प को विदेशी सीफूड इंडस्ट्रीज की कम पर्यावरण निगरानी और घटिया पब्लिक हेल्थ गाइडलाइंस का फायदा मिलता है।

भारतीय सीफूड पर ज्यादा टैरिफ न होने की स्थिति में क्ले हिगिंस ने प्रशासन से नए समझौते की रूपरेखा के अंदर दूसरे तरीकों पर सोचने की अपील की।

दो नियमों का हवाला देते हुए रिपब्लिकन सदस्य ने कहा, बेहतर निरीक्षण और मौजूदा एंटी-डंपिंग व प्रतिकारी (काउंटरवेलिंग) ड्यूटी को सख्ती से लागू करके कम कीमत वाले इंपोर्ट में फिर से बढ़ोतरी को रोकने के लिए श्रिम्प-स्पेसिफिक सेफगार्ड लगाया जा सकता है। इसे डिस्ट्रक्शन ऑफ हैजर्डस इम्पोर्ट्स एक्ट जैसे कानूनों का समर्थन करके किया जा सकता है, जो अमेरिकी हेल्थ स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करने वाले प्रोडक्ट को नष्ट करने की इजाजत देगा।

राष्ट्रपति ट्रंप से अपील करते हुए क्ले हिगिंस ने लिखा, आप गलत ट्रेड प्रैक्टिस के खिलाफ हमेशा अमेरिकी वर्कर्स और प्रोड्यूसर्स के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा, लुइसियाना के मछुआरे गर्व करने वाले अमेरिकी हैं जो सिर्फ मुकाबला करने का सही मौका और बराबरी का मौका चाहते हैं। मैं सम्मान के साथ अनुरोध करता हूं कि आपका प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए तुरंत एक्शन ले कि फेयर ट्रेड पॉलिसी का फायदा हर अमेरिकी इंडस्ट्री को मिले, जिसमें हमारे जरूरी घरेलू श्रिम्पर भी शामिल हैं।

सीफूड लंबे समय से अमेरिकी ट्रेड डिबेट में एक सेंसिटिव एरिया रहा है, खासकर उन तटीय राज्यों में जहां बड़ी मछली पकड़ने वाली कम्युनिटी हैं। श्रिम्प का मुद्दा तब सामने आया है, जब वाशिंगटन और नई दिल्ली एक व्यापार समझौते की रूपरेखा के तहत आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका मकसद टैरिफ कम करना और सभी सेक्टर में मार्केट एक्सेस बढ़ाना है।

--आईएएनएस

डीसीएच/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment