अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद करीब 55 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटकर 2.8-3.3 प्रतिशत हो सकता है: एनालिस्ट

अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद करीब 55 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटकर 2.8-3.3 प्रतिशत हो सकता है: एनालिस्ट

अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद करीब 55 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटकर 2.8-3.3 प्रतिशत हो सकता है: एनालिस्ट

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IANS
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About 55 pc of India’s US exports could drop to 2.8-3.3 pc tariff rates: Analysts

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 21 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिकी कोर्ट की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को हटा दिया गया है। इसे लेकर विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले से करीब 55 प्रतिशत अमेरिका होने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ कम होकर 2.8 प्रतिशत से 3.3 प्रतिशत के बीच हो सकता है।

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विश्लेषकों ने कहा कि अमेरिका को होने वाले भारतीय निर्यात का 55 प्रतिशत हिस्सा मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) टैरिफ के अंतर्गत आता है।

एमएफएन टैरिफ वे आधार दरें हैं जो अमेरिका विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सभी सदस्यों पर लागू करता है और भारतीय वस्तुओं पर औसत अमेरिकी एमएफएन टैरिफ लगभग 2.8 प्रतिशत से 3.3 प्रतिशत है, जो विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग है।

विश्लेषकों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारत को अमेरिका के साथ अपने व्यापार समझौते पर पुनर्विचार करना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि अमेरिकी प्रशासन ने अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम के तहत अपने अधिकार का उल्लंघन किया है, जिसके तहत व्यापक रेसिप्रोकल टैरिफ उपायों को अधिकृत नहीं किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने फैसले में कहा कि राष्ट्रपति असीमित मात्रा, अवधि और दायरे के टैरिफ को एकतरफा रूप से लागू करने की असाधारण शक्ति का दावा करते हैं, लेकिन ट्रंप प्रशासन किसी भी ऐसे कानून को पेश करने में विफल रहा है जिसमें कांग्रेस ने पहले कहा हो कि आईईईपीए की भाषा टैरिफ पर लागू हो सकती है।

रिपोर्ट्स में कहा गया कि अदालत के फैसले से राष्ट्रपति ट्रंप को अन्य वैधानिक अधिकारों के तहत कर्तव्य लागू करने से नहीं रोका जा सकता है, जिनमें अधिक प्रक्रियात्मक सीमाएं होती हैं।

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए इस फैसले के बाद, ट्रंप ने टैरिफ का बचाव किया और कहा कि अज्ञात विदेशी ताकतों ने न्यायाधीश के फैसले को प्रभावित किया है।

व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप द्वारा नए वैश्विक टैरिफ आदेश की घोषणा के बाद भारत को अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में अतिरिक्त टैरिफ लगाने के अधिकार भी लागू किए जा सकते हैं।

--आईएएनएस

एबीएस/

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