अफगानिस्तान में बिना फटे बमों की घटनाओं में मारे गए लोगों में 67.5 फीसदी बच्चे शामिल

अफगानिस्तान में बिना फटे बमों की घटनाओं में मारे गए लोगों में 67.5 फीसदी बच्चे शामिल

अफगानिस्तान में बिना फटे बमों की घटनाओं में मारे गए लोगों में 67.5 फीसदी बच्चे शामिल

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IANS
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At least 87 people killed, 333 others injured in unexploded ordnance incidents in Afghanistan over past year

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

काबुल, 4 फरवरी (आईएएनएस)। अफगानिस्तान राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिकारी (एएनडीएमए) ने बुधवार को बताया कि पिछले साल अफगानिस्तान में बिना फटे बम से जुड़ी 193 घटनाओं में कम से कम 87 लोग मारे गए और 333 अन्य घायल हुए। बीते साल अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर काफी तनाव देखने को मिला था। ऐसे में कई बम ऐसे भी थे, जो फेके जाने के बाद धमाका नहीं हुए। बाद में इसे हटाए जाने के दौरान हुई दुर्घटनाओं की ये रिपोर्ट है।

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पझवोक अफगान न्यूज के अनुसार, एएनडीएमए सूचना विभाग के प्रमुख हाफिज मोहम्मद यूसुफ हमाद ने कहा कि खान विभाग (माइन क्लीयरेंस कोऑर्डिनेशन डिपार्टमेंट) और बारूदी खदान हटाने वाले संगठन ने 2025 में 58 किलोमीटर जमीन से बिना फटे बम हटाए और 24,720 माइन ढूंढकर उन्हें न्यूट्रलाइज किया।

हमाद ने बताया कि मरने वालों में 67.5 फीसदी बच्चे थे, जो अफगानिस्तान की सबसे कम उम्र और सबसे कमजोर आबादी पर बिना फटे बम के गंभीर असर को दिखाता है। उन्होंने आगे कहा कि 155 बारूदी खदान हटाने वाली टीमें अफगानिस्तान में काम कर रही हैं। पिछले साल, इन टीमों ने अफगानिस्तान में 2.1 मिलियन से ज्यादा लोगों को जागरूकता की ट्रेनिंग दी।

पझवोक अफगान न्यूज के अनुसार, इन कोशिशों के बावजूद अफगानिस्तान में लगभग 105,000 स्क्वायर किलोमीटर जमीन बिना फटे बम से प्रभावित है। मंगलवार को अफगानिस्तान में यूएन सहायता मिशन (यूएनएएमए) ने कहा कि लैंडमाइन और बिना फटे युद्ध के बचे हुए हिस्सों से होने वाली मौतों के मामले में अफगानिस्तान दुनिया भर में तीसरे नंबर पर है।

यूएनएएमए ने कहा कि इनमें लगभग 80 फीसदी पीड़ित बच्चे हैं, जो अक्सर खेलते समय या अनजाने में बिना फटे बम को छूकर घायल हो जाते हैं या मारे जाते हैं। अफगानिस्तान की जानी-मानी न्यूज एजेंसी खामा प्रेस की मानें तो यूएनएएमए ने बारूदी खदान हटाने वाले संगठनों के लिए ज्यादा वित्तीय मदद की मांग की है।

यूएनएएमए के अनुसार, धमाकों के बचे हुए हिस्सों को हटाने के लिए हर दिन क्लीयरेंस टीमें काम करती हैं, जबकि लोगों को जानलेवा चीजों के संपर्क में आने से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। यूएन मिशन ने अफगानिस्तान में लोगों को सलाह दी है कि वे संदिग्ध चीजों को न छुएं और इसके बजाय अधिकारियों को रिपोर्ट करें ताकि और मौतें न हों। दशकों से चल रहे संघर्ष की वजह से अफगानिस्तान लैंडमाइन और बिना फटे बमों से प्रभावित हो गया है। यह लोगों की जान के लिए खतरा बने हुए हैं।

--आईएएनएस

केके/डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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