श्रीलंकाई नौसेना ने 12 भारतीय मछुआरों को पकड़ा, पीड़ित पर‍िवारों ने केंद्र से की हस्‍तक्षेप की मांग

श्रीलंकाई नौसेना ने 12 भारतीय मछुआरों को पकड़ा, पीड़ित पर‍िवारों ने केंद्र से की हस्‍तक्षेप की मांग

श्रीलंकाई नौसेना ने 12 भारतीय मछुआरों को पकड़ा, पीड़ित पर‍िवारों ने केंद्र से की हस्‍तक्षेप की मांग

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IANS
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Sri Lankan navy arrests 15 TN fishermen from Rameswaram

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

चेन्नई, 23 फरवरी (आईएएनएस)। श्रीलंकाई समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ने के आरोप में श्रीलंकाई नौसेना ने सोमवार को पंबन के 12 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही उनका मैकेनाइज्ड ट्रॉलर जब्त कर लिया।

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तमिलनाडु मत्स्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार मछुआरे रविवार को रामेश्वरम के पास पंबन निवासी डेविड की मैकेनाइज्ड नाव लेकर समुद्र में न‍िकले थे।

बताया गया कि नौका को कच्चातीवु और मन्नार के बीच समुद्री क्षेत्र में मछली पकड़ते समय श्रीलंकाई नौसेना ने रोक लिया।

मछुआरों के सोमवार दोपहर तक किनारे पर लौटने की उम्मीद थी, लेकिन वे लौटकर नहीं आए। इससे परिवारों में चिंता बढ़ गई।

अधिकारियों ने बताया कि उन्हें गिरफ्तार करने के बाद, मछुआरों को आगे की पूछताछ के लिए तलाईमन्नार में नेवी पोर्ट ले जाया गया।

रामेश्वरम में मछुआरों के एसोसिएशन ने गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की और केंद्र से तुरंत दखल देने की अपील की। ​​उनका कहना है कि बार-बार हिरासत में लिए जाने से उनकी रोजी-रोटी को खतरा है और तटीय समुदायों में अनिश्चितता पैदा हो रही है।

मछुआरा नेता जेसु राजा ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताते हुए कहा कि पिछले सप्ताह ही 22 भारतीय मछुआरों को गिरफ्तार किया गया था और श्रीलंकाई अधिकारियों ने चार ट्रॉलर जब्त किए थे।

उन्होंने कहा, कच्चातीवु स्थित सेंट एंटनी चर्च के वार्षिक उत्सव में अब केवल कुछ ही दिन शेष हैं। ऐसे कदमों से दोनों देशों के मछुआरा समुदायों के बीच तनाव और असंतोष पैदा हुआ है।

हाल ही में श्रीलंकाई अधिकारियों ने भारतीय श्रद्धालुओं को दो दिवसीय कच्चातीवु उत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रण दिया था।

जेसु राजा ने कहा कि लगातार हो रही गिरफ्तारियों के कारण कई मछुआरे उत्सव में भाग लेने को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी उत्सव से पहले इसी तरह की गिरफ्तारियां हुई थीं।

मछुआरा नेताओं ने दोहराया कि इस बार-बार उत्पन्न हो रहे संकट का स्थायी समाधान केवल केंद्र सरकार के सीधे हस्तक्षेप और श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग के सहयोग से ही संभव है।

-- आईएएनएस

अर्प‍ित याज्ञन‍िक/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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