भारत लंबे समय से वेनेजुएला से तेल खरीद रहा है: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

भारत लंबे समय से वेनेजुएला से तेल खरीद रहा है: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

भारत लंबे समय से वेनेजुएला से तेल खरीद रहा है: केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी

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IANS
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India has been buying oil from Venezuela for a long time: Hardeep Puri

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 1 फरवरी (आईएएनएस)। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रविवार को वेनेजुएला से कच्चे तेल की भारत की दीर्घकालिक खरीद पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय रिफाइनरियां वेनेजुएला द्वारा उत्पादित भारी तेल को संसाधित करने में सक्षम हैं।

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हाल ही में संपन्न हुए इंडिया एनर्जी वीक 2026 के बाद राष्ट्रीय राजधानी में आईएएनएस से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि वेनेजुएला सहित कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और इस बात पर जोर दिया कि वेनेजुएला के तेल के साथ भारत का संबंध कई वर्षों पुराना है।

उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 के संदर्भ में भारत के ऊर्जा क्षेत्र के बारे में भी बात की।

उन्होंने बजट को बेहद सकारात्मक और भविष्य-उन्मुख बताते हुए कहा कि इससे न केवल भारत की मौजूदा 4.2 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की विकास गति में तेजी आएगी, बल्कि ऊर्जा परिवर्तन में भी सहयोग मिलेगा, जो उनके मंत्रालय का एक प्रमुख लक्ष्य है।

उन्होंने बजट में उन प्रावधानों की ओर इशारा किया जिनसे खनन में शामिल अपस्ट्रीम कंपनियों और पेट्रोकेमिकल क्षमताओं वाली एकीकृत रिफाइनरियों का संचालन करने वाली डाउनस्ट्रीम कंपनियों दोनों को लाभ होगा।

महत्वपूर्ण खनिजों के बारे में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि इनके विकास की जिम्मेदारी केवल उनके मंत्रालय की नहीं है।

उन्होंने आईएएनएस को बताया कि कई मंत्रालय, विशेष रूप से ऊर्जा से जुड़े मंत्रालय, भारत में अन्वेषण और खोज को बढ़ावा देने के प्रयासों में लगे हुए हैं, और सरकारी स्वामित्व वाली ऑयल इंडिया लिमिटेड इस क्षेत्र में सक्रिय रूप से भाग ले रही है।

केंद्रीय मंत्री पुरी ने आगे कहा कि हाल के बजट उपायों से अन्वेषण गतिविधियों को और गति मिलेगी।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक रिफाइनरियां अब केवल कच्चे तेल के शोधन के लिए ही नहीं बनाई जातीं, बल्कि एकीकृत पेट्रोकेमिकल उत्पादन और अन्य उपयोगों के लिए भी डिजाइन की जाती हैं, और बजट में इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने से उद्योग को स्वच्छ ऊर्जा की ओर वैश्विक बदलाव के अनुकूल ढलने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

एमएस/

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