औषधीय गुणों से भरपूर देसावरी पान, पेट की समस्या दूर कर मन को देता शांति

औषधीय गुणों से भरपूर देसावरी पान, पेट की समस्या दूर कर मन को देता शांति

औषधीय गुणों से भरपूर देसावरी पान, पेट की समस्या दूर कर मन को देता शांति

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IANS
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Desawari paan benefit

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। पान सिर्फ मुंह ताजा करने या स्वाद का साधन नहीं है, बल्कि इसमें कई औषधीय गुण छिपे हैं जो शरीर और मन दोनों को फायदा पहुंचाते हैं। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में उगाया जाने वाला देसावरी पान औषधीय गुणों से भरपूर होता है।

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उत्तर प्रदेश के पर्यटन विभाग के अनुसार, देसावरी पान अपनी प्राकृतिक खुशबू, अनोखे स्वाद और विशेष औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है। यह पान पीढ़ियों से स्थानीय संस्कृति और स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। महोबा का देसावरी पान अपनी विशिष्टता के कारण खास पहचान रखता है।

महोबा की मिट्टी, जलवायु और पारंपरिक खेती विधि से यह पान अन्य किस्मों से बेहतर होता है। इसकी पत्तियां मुंह में डालते ही जल्दी घुल जाती हैं और मीठी, सुगंधित खुशबू छोड़ती हैं। यह पान महोबा के खाने की संस्कृति का अहम हिस्सा है। महोबा में पान की सबसे ज्यादा खेती होती है और यह इलाके की अर्थव्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाता है।

देसावरी पान के प्रमुख औषधीय गुण और फायदों पर नजर डालें तो यह एक-दो नहीं बल्कि कई हैं। देसावरी पान पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। पान के पत्तों में आवश्यक तेल पाचन एंजाइमों को उत्तेजित करते हैं। भोजन के बाद चबाने से पेट फूलना, गैस, एसिडिटी, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। यह पेट की अम्लता को संतुलित रखता है और भोजन के पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में मदद करता है।

पेट की समस्याओं को दूर करने के साथ ही यह मन को शांति देता है। पान में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह तनाव कम करता है, मन को शांत रखता है और नींद में सुधार लाता है। आयुर्वेद में इसे बलवर्धक और एनर्जी देने वाला भी माना जाता है, जो इंद्रियों को जागृत रखता है।

पान मुंह की सेहत भी सुधारने में कारगर है। यह जीवाणुरोधी गुणों से मुंह के बैक्टीरिया कम करता है, सांस ताजा रहती है और मसूड़ों की समस्याएं दूर होती हैं। इसके अलावा, यह कैल्शियम और आयरन जैसे तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है। कुछ अध्ययनों में यह घाव भरने, सूजन कम करने और सर्दी-जुकाम में भी सहायक पाया गया है।

देसावरी पान को जीआई टैग मिल चुका है, जो इसकी अनोखी पहचान की गारंटी देता है। वहीं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सादे पान का सेवन करें, तंबाकू या चूना से बचें।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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