एआई समिट में मैक्रों का छलका भारत प्रेम, कैमरे पर बोले- 'मुझे आपके देश से प्यार'

एआई समिट में मैक्रों का छलका भारत प्रेम, कैमरे पर बोले- 'मुझे आपके देश से प्यार'

एआई समिट में मैक्रों का छलका भारत प्रेम, कैमरे पर बोले- 'मुझे आपके देश से प्यार'

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IANS
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President Macron

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत दौरे पर हैं। गुरुवार को इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने भारत मंडपम पहुंचे। उद्घाटन समारोह में शामिल हुए फिर इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो का दौरा भी किया। इस दौरान जैसे ही आईएएनएस का कैमरा देखा तपाक से पास आ बोले- आई लव योर कंट्री (मुझे आपके देश से प्यार है)।

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इस दौरे के दौरान ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब मैक्रों ने भारत प्रेम का इजहार खुलकर किया हो। उनके अंदाज में कई बार इसकी झलक दिखी है। मुंबई से जब बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे तो एयरपोर्ट पर लोक कलाकारों ने रंगारंग प्रस्तुति दी। रिमझिम बरसती बूंदों के बीच खड़े होकर फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष ने कलाकारों का हाथ जोड़कर आभार जताया। इससे पहले मुंबई में जॉगिंग करते हुए भी आम लोगों का अभिवादन स्वीकार करते दिखे थे।

भारत में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने अपने संबोधन की शुरुआत नमस्ते से और अंत जय हो के साथ की।

उन्होंने मंच से भारत के डिजिटल मॉडल की खुलकर तारीफ की और कहा कि भारत ने जो किया है, वह दुनिया में किसी और ने नहीं किया। मैक्रों ने स्ट्रीट वेंडर की कहानी के जरिए भारत की संस्कृति और मिट्टी से जुड़ाव की नजीर पेश की। उन्होंने कहा कि 10 साल पहले मुंबई का एक स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता भी नहीं खोल सकता था; न उसके पास पता था, न दस्तावेज और न पहचान थी। लेकिन आज वही वेंडर अपने फोन पर पूरे देश में किसी से भी तुरंत और मुफ्त डिजिटल पेमेंट ले रहा है। उन्होंने कहा, “ये सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, सभ्यता की कहानी है।”

तीन दिवसीय यात्रा पर आए मैक्रों ने एआई समिट में भारत के साथ अपने रिश्तों और देश के बढ़ते कद की भी सराहना की।

उन्होंने कहा, पिछले एक साल में एआई स्ट्रेटेजिक कॉम्पिटिशन का फील्ड बन गया है, लेकिन इनोवेशन, आत्मनिर्भरता और स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी पर फोकस करने वाला एक रास्ता अभी भी बना हुआ है। भारत ने छोटे, टास्क स्पेसिफिक लैंग्वेज मॉडल विकसित करके और स्टार्टअप्स का समर्थन करने के लिए सस्ती दरों पर 38,000 सरकारी फंडेड जीपीयूएस लगाकर सॉवरेन चॉइस बनाई हैं।

आखिर में मैक्रों ने कहा, मैंने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर की कहानी से शुरुआत की थी। दस साल पहले, दुनिया ने भारत से कहा था कि 1.4 बिलियन लोगों को डिजिटल इकॉनमी में नहीं लाया जा सकता। भारत ने उन्हें गलत साबित कर दिया।

बता दें, भारत और फ्रांस साल 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के रूप में मना रहे हैं। यह एक साल तक चलने वाली संयुक्त पहल है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच नई तकनीक, शोध और औद्योगिक नवाचार में सहयोग बढ़ाना है। इस इनोवेशन ईयर का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर है। भारत और फ्रांस मिलकर एक साझा एआई रोडमैप पर काम कर रहे हैं, जिसका लक्ष्य जिम्मेदार और एथिकल एआई सिस्टम विकसित करना है।

--आईएएनएस

के आर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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