एआई समिट में 5 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी, 250 अरब डॉलर से अधिक निवेश के वादे: अश्विनी वैष्णव

एआई समिट में 5 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी, 250 अरब डॉलर से अधिक निवेश के वादे: अश्विनी वैष्णव

एआई समिट में 5 लाख से ज्यादा लोगों की भागीदारी, 250 अरब डॉलर से अधिक निवेश के वादे: अश्विनी वैष्णव

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IANS
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New Delhi: Ashwini Vaishnaw addresses closing press briefing at AI Impact Summit

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 20 फरवरी (आईएएनएस)। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस आयोजन में 5 लाख से अधिक आगंतुकों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि लोगों ने प्रदर्शनी का आनंद लिया, दुनिया भर के विशेषज्ञों से बातचीत की और नई तकनीकों के बारे में सीखा। समिट में विश्व के लगभग सभी प्रमुख एआई खिलाड़ी बड़ी संख्या में शामिल हुए और अनेक स्टार्टअप्स को अपने नवाचार प्रदर्शित करने का अवसर मिला।

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मंत्री ने कहा कि अब तक की यात्रा बेहद सार्थक और व्यवस्थित रही है। भारत ने पहले एआई स्टैक की बुनियाद तैयार की, फिर उसकी विभिन्न परतों पर काम किया और अब दुनिया को भारत में एक मंच पर लाकर चर्चा और सहयोग का अवसर दिया। उन्होंने कहा कि अब एआई मिशन के अगले चरण में नए मॉडल, उन्नत कंप्यूट क्षमता और बेहतर सुरक्षा मानकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मानव एआई (एआई फॉर ह्यूमन, बाय द ह्यूमन, फॉर द ह्यूमन) के विजन को वैश्विक स्तर पर व्यापक समर्थन मिला। मंत्री ने बताया कि जिम्मेदार और नैतिक एआई पर चर्चा को आगे बढ़ाया गया और इस पहल में ढाई लाख छात्रों को भी शामिल किया गया। उन्होंने कहा कि लगभग हर देश के मंत्री और प्रतिनिधि इस दृष्टिकोण से सहमत दिखे।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश के वादे भी सामने आए हैं। अब तक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े निवेश में 250 अरब डॉलर से अधिक और डीप-टेक वेंचर कैपिटल निवेश में लगभग 20 अरब डॉलर की प्रतिबद्धताएं मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह संख्या लगातार बढ़ रही है और यह भारत की भूमिका पर दुनिया के बढ़ते विश्वास का संकेत है।

उन्होंने यह भी बताया कि समिट की अंतिम घोषणा पर 70 से अधिक देशों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और समापन तक यह संख्या 80 से अधिक होने की उम्मीद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रमुख और महत्वपूर्ण देश इस पहल का समर्थन कर चुके हैं।

मंत्री ने कहा कि एआई सुरक्षा के लिए भारत ने 12 संस्थानों का एक नेटवर्क तैयार किया है, जो एआई से जुड़े सुरक्षा मानकों और शोध पर काम कर रहे हैं। साथ ही, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन और चिप निर्माण को मजबूत करने के लिए पैक्स सिलिका समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जो भारत में पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने आगे बताया कि भारत के पास विशाल प्रतिभा भंडार है और संतुलित विदेश नीति ने दुनिया में विश्वास का वातावरण बनाया है। यही कारण है कि आज विश्व एआई के नए युग में भारत की भूमिका को गंभीरता से स्वीकार कर रहा है।

--आईएएनएस

डीबीपी/

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