एआई समिट 2026: श्रीलंका के राष्ट्रपति ने मानवता सेवा, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक एआई सहयोग पर जोर दिया

एआई समिट 2026: श्रीलंका के राष्ट्रपति ने मानवता सेवा, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक एआई सहयोग पर जोर दिया

एआई समिट 2026: श्रीलंका के राष्ट्रपति ने मानवता सेवा, सांस्कृतिक विविधता और वैश्विक एआई सहयोग पर जोर दिया

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IANS
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India-AI Impact Summit 2026 Official Banquet

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई द‍िल्‍ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। नई द‍िल्‍ली में 17 से 20 फरवरी तक इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बुलावे पर सम‍िट में भाग लेने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके भारत पहुंचे। सम‍िट के दौरान दिसानायके ने जिम्मेदार, सबको साथ लेकर चलने वाले और इंसानी सोच वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए श्रीलंका की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की। साथ ही द्विपक्षीय साझेदारियों को और मजबूत किया।

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यह समिट ग्लोबल साउथ में हुई अपनी तरह की पहली ग्लोबल मीटिंग थी। इसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों, संयुक्त राष्ट्र के वरिष्ठ अधिकारियों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेताओं तथा वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया। सम्मेलन में “पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस” के मार्गदर्शक सिद्धांतों के तहत एआई शासन के भविष्य पर विचार-विमर्श किया गया।

19 फरवरी को लीडर्स के प्लेनरी सेशन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति दिसानायके ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को इंसानियत की सेवा करनी चाहिए। कल्चरल वैल्यूज को मजबूत करना, अधिकारों की सुरक्षा करना और सबके लिए बराबर पहुंच को सुन‍िश्‍च‍ित करना चाह‍िए। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग का अगला मोर्चा बताते हुए राष्ट्रपति ने एआई से जुड़े लक्ष्यों, अधिकारों और सुरक्षा उपायों पर दुनियाभर में हो रही बातचीत की ओर ध्यान दिलाया।

एआई के अक्सर नजरअंदाज किए जाने वाले सांस्कृतिक पहलू पर जोर देते हुए श्रीलंका के राष्ट्रपति ने कहा कि उभरते एआई सिस्टम को भाषाई विविधता को बनाए रखना चाहिए और देशों की साझी विरासत को दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी में तरक्की से सांस्कृतिक पहचान खत्म नहीं होनी चाहिए, बल्कि समुदायों को मजबूत बनाना चाहिए।

राष्ट्रपति ने चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने का प्रस्ताव रखा, जिनमें सुलभ और किफायती पहुंच, केंद्रीय रूप से संचालित भाषा डेटासेट, साझा मूल्यांकन तंत्र और सुरक्षा उपकरण और समेकित क्षमता विकास शामिल हैं।

श्रीलंका ने एआई इम्पैक्ट समिट घोषणा-पत्र में शामिल होकर नैतिक, पारदर्शी और जन-केंद्रित एआई विकास को आगे बढ़ाने तथा नवाचार को समावेशी और विकासोन्मुख बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

समिट के दौरान दिसानायके ने कई हाई-लेवल द्विपक्षीय चर्चाएं कीं। उन्होंने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस, शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान से मुलाकात की, जहां ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, टूरिज्म, एआई और दूसरे उभरते सेक्टर्स में श्रीलंका-यूएई कोऑपरेशन बढ़ाने पर बातचीत हुई।

भूटान के पीएम शेरिंग तोबगे के साथ अपनी मीटिंग में दोनों नेताओं ने पुराने दोस्ताना रिश्तों को फिर से पक्का किया और कल्चर, एजुकेशन, यूथ अफेयर्स और हेल्थ में मजबूत कोऑपरेशन की संभावना पर बात की।

राष्ट्रपति दिसानायके ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भी बातचीत की, जिसमें दोनों पक्षों ने टेक्नोलॉजी, डिजिटल इनोवेशन, टूरिज्म, इन्वेस्टमेंट और मैरीटाइम डोमेन में कोऑपरेशन पर चर्चा की। राष्ट्रपति ने पेरिस क्लब डेट रीस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस सहित श्रीलंका को फ्रांस के लगातार सपोर्ट के लिए तारीफ की। फ्रांस ने चक्रवात दितवाह के बाद श्रीलंका के पुनर्वास प्रयासों में समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ अपनी मीटिंग में दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने के संभावित क्षेत्रों पर चर्चा की। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा ने दिसानायके को ब्राजील आने का न्योता दिया।

राष्ट्रपति ने भारत में अमेरिका के राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष प्रतिनिधि सर्जियो गोर से भी मुलाकात की, जिसमें अमेरिका-श्रीलंका संबंधों की समीक्षा और आगे सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई।

20 फरवरी को राष्ट्रपति दिसानायके ने हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने दिसंबर 2024 में राष्ट्रपति की भारत यात्रा और अप्रैल 2025 में प्रधानमंत्री मोदी की श्रीलंका यात्रा के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की।

चर्चा में व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, डिजिटल सहयोग, आर्थिक सहभागिता और सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। राष्ट्रपति ने चक्रवात डिटवाह के बाद भारत द्वारा प्रदान की गई मानवीय सहायता और ऐतिहासिक एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने के निमंत्रण के लिए आभार व्यक्त किया।

एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 100 से अधिक देशों के नेता, नीति-निर्माता और प्रतिनिधि शामिल हुए। विचार-विमर्श के प्रमुख विषयों में मानव पूंजी, सामाजिक सशक्तिकरण के लिए समावेशन, सुरक्षित और विश्वसनीय एआई, विज्ञान, लचीलापन, नवाचार और दक्षता, एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण, तथा आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए एआई शामिल थे।

--आईएएनएस

अर्प‍ित याज्ञन‍िक/वीसी

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