आज से चार दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगे अमेरिकी उपविदेश सचिव क्रिस्टोफर, रायसीना डायलॉग में होंगे शामिल

आज से चार दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगे अमेरिकी उपविदेश सचिव क्रिस्टोफर, रायसीना डायलॉग में होंगे शामिल

आज से चार दिवसीय भारत दौरे पर रहेंगे अमेरिकी उपविदेश सचिव क्रिस्टोफर, रायसीना डायलॉग में होंगे शामिल

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IANS
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Washington DC: Foreign Secretary Vikram Misri Meets US Deputy Secretary of State

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वॉशिंगटन, 3 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के उपविदेश सचिव क्रिस्टोफर लैंडो चार दिवसीय यात्रा पर आज से भारत में रहेंगे। क्रिस्टोफर भारत के सबसे बड़े जियोपॉलिटिकल फोरम, 2026 में अमेरिका का प्रतिनिधित्व करेंगे। कार्यक्रम में वह अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट की नीति की प्राथमिकता को आगे बढ़ाएंगे।

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अमेरिकी राज्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, उपविदेश सचिव क्रिस्टोफर लैंडौ 3-6 मार्च तक नई दिल्ली जाएंगे। यहां वे भारत के सबसे बड़े जियोपॉलिटिकल फोरम रायसीना डायलॉग 2026 में यूएस डेलीगेशन को लीड करेंगे और प्रेसिडेंट ट्रंप की अमेरिका फर्स्ट पॉलिसी प्रायोरिटीज को आगे बढ़ाएंगे। उपविदेश सचिव, जरूरी मिनरल्स और काउंटरनारकोटिक्स पर द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने के लिए सीनियर भारतीय अधिकारियों से भी मिलेंगे; अमेरिकी बिजनेस के लिए मार्केट एक्सेस बढ़ाने के लिए कमर्शियल और आर्थिक संबंधों को गहरा करेंगे; और एक फ्री, ओपन और खुशहाल हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए हमारे साझा विजन को आगे बढ़ाएंगे।

इसके साथ ही, साउथ और सेंट्रल एशियन मामलों के अमेरिकी विदेश मामलों के सहायक सचिव असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एस. पॉल कपूर 1 से 3 मार्च तक नई दिल्ली में हैं। अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, कपूर हिंद-प्रशांत में क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा प्राथमिकता पर चर्चा करने के लिए भारतीय अधिकारियों से मिल रहे हैं।

दूतावास ने कहा कि उनका दौरा राष्ट्रपति ट्रंप के एक मजबूत और आपसी फायदे वाले अमेरिकी-भाषा पार्टनरशिप के विजन को आगे बढ़ाने के लिए हाल की रफ्तार पर बना है।

रायसीना डायलॉग भारत का फ्लैगशिप रणनीतिक फोरम बन गया है। यह हर साल वैश्विक नेताओं, मंत्रियों और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स को आकर्षित करता है। पिछले दस सालों में, भारत और अमेरिका ने रक्षा और रणनीति सहयोग को बढ़ाया है। उन्होंने अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए और इंडो-पैसिफिक में सहयोग बढ़ाया है। दोनों देशों के बीच इस सहयोग में जरूरी मिनरल्स, नई तकनीक और एनर्जी सिक्योरिटी को भी शामिल किया गया है।

बता दें, भारत के विदेश मंत्रालय (एमईए) और एक स्वतंत्र थिंक टैंक, ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ), मिलकर रायसीना डायलॉग 2026 का आयोजन 5 से लेकर 7 मार्च तक करने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी, जो सिंगापुर के शांगरी-ला डायलॉग और म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन जैसा है।

इस सम्मेलन में दुनिया के अलग-अलग देशों से राष्ट्राध्यक्ष, विदेश मंत्री, कैबिनेट मंत्री, उद्योगपति, रक्षा विशेषज्ञ, शिक्षाविद समेत अन्य शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बदलते भू-राजनीतिक गठबंधन, आर्थिक सुरक्षा, उभरती हुई एआई तकनीक, जलवायु परिवर्तन और ग्रीन एनर्जी जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

--आईएएनएस

केके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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