जिनेवा पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री अराघची, बोले- धमकियों के आगे झुकना डील का हिस्सा नहीं

जिनेवा पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री अराघची, बोले- धमकियों के आगे झुकना डील का हिस्सा नहीं

जिनेवा पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री अराघची, बोले- धमकियों के आगे झुकना डील का हिस्सा नहीं

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IANS
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Araghchi on Us-Israel

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

तेहरान, 16 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए जिनेवा पहुंच गए हैं। उन्होंने खुद सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी। साथ ही दावा किया कि वो निष्पक्ष और समान समझौते के लिए यहां हैं।

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जिनेवा पहुंचने के बाद अराघची ने एक्स पोस्ट में लिखा, परमाणु विशेषज्ञों के साथ, मैं सोमवार को राफेल ग्रॉसी से गहन तकनीकी चर्चा के लिए मिलूंगा। मंगलवार को अमेरिका के साथ वार्ता से पहले बद्र अल बुसैदी (ओमान के विदेश मंत्री) से भी मिलूंगा। मैं जिनेवा में हूं, जहां एक निष्पक्ष और समान समझौते को हासिल करने के लिए वास्तविक विचारों के साथ हूं। टेबल (डील का हिस्सा) पर क्या नहीं है: धमकियों के आगे झुकना।

इससे पहले ईरान की राष्‍ट्रीय प्रसारण एजेंसी इस्‍लामिक रिपब्‍लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्‍टिंग (आईआरआईबी) ने अपने टेलीग्राम चैनल के जरिए बताया कि अराघची, बड़े राजनयिकों और विशिष्ट प्रतिनिधिमण्डल के साथ, रविवार देर रात (स्थानीय समयानुसार) स्विजरलैंड पहुंचे।

योजना के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच इनडायरेक्ट बातचीत का दूसरा राउंड मंगलवार को होगा और इसमें फिर से ओमान मध्यस्थता की भूमिका निभाएगा। पहला राउंड पिछले हफ्ते मस्कट में हुआ था, जिसे दोनों पक्षों ने अच्छी शुरुआत बताया था।

समाचार एजेंसी के मुताबिक इस दौरे के दौरान, शीर्ष अधिकारी अपने स्विस और ओमानी समकक्षों के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक और स्विट्जरलैंड में मौजूद कई दूसरे अंतर्राष्ट्रीय अधिकारियों से भी मिलने की योजना है।

जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र निरस्त्रीकरण सम्मेलन को संबोधित करना भी अराघची की योजना में शामिल है।

जून में इजरायल-यूएस ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था और दावा किया कि परमाणु साइट्स को काफी नुकसान पहुंचा है। उसके बाद ही स्थिति तनावपूर्ण थी। महीनों बाद तेहरान और वाशिंगटन ने फरवरी में फिर से बातचीत शुरू की।

व्हाइट हाउस ने शनिवार को ही पुष्टि की कि वाशिंगटन ने मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर को बातचीत के लिए भेजा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कह चुके हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले बातचीत चाहते हैं, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं।

ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण है। वह 60 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम संवर्धित कर रहा है, जो हथियारों के ग्रेड के बेहद करीब है। ट्रंप प्रशासन ने दो टूक कहा है कि ईरान को किसी भी कीमत पर यूरेनियम संवर्धन की अनुमति नहीं दी जा सकती।

राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को ऐलान किया कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड कैरिबियन से मध्य पूर्व भेजा जा रहा है। ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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