ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने का विधेयक अमेरिकी संसद में पेश, आखिर ये क्यों है इतना जरूरी?

ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने का विधेयक अमेरिकी संसद में पेश, आखिर ये क्यों है इतना जरूरी?

ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने का विधेयक अमेरिकी संसद में पेश, आखिर ये क्यों है इतना जरूरी?

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IANS
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US lawmaker introduces bill for Greenland's 'annexation and statehood'

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

वाशिंगटन, 13 जनवरी (आईएएनएस)। रिपब्लिकन सांसद रैंडी फाइन ने औपचारिक रूप से ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट नाम का विधेयक पेश किया है। इस बिल का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन को ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने (एनेक्सेशन) और भविष्य में उसे अमेरिका का एक आधिकारिक राज्य बनाने के लिए कानूनी अधिकार देना है।

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रैंडी फाइन ने सोमवार (स्थानीय समय) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस बिल की जानकारी देते हुए लिखा था, यह बहुत बड़ी खबर है। आज मुझे गर्व है कि मैंने ग्रीनलैंड एनेक्सेशन एंड स्टेटहुड एक्ट पेश किया है। यह बिल राष्ट्रपति को वह रास्ता और साधन खोजने की अनुमति देता है जिससे ग्रीनलैंड को अमेरिकी संघ में शामिल किया जा सके।

फाइन ने दावा किया कि अमेरिका के दुश्मन देश आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं और अमेरिका इसे किसी भी हाल में होने नहीं दे सकता। यह कदम आर्कटिक क्षेत्र में चीन और रूस के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए बेहद जरूरी है।

रिपब्लिकन सांसद ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहले ही साफ कर चुके हैं कि अमेरिका को ग्रीनलैंड हासिल करके अपनी वैश्विक ताकत और प्रभुत्व को फिर से स्थापित करना होगा।

फाइन ने कहा, मेरा यह बिल इस सोच को हकीकत में बदल देगा और ग्रीनलैंड को अमेरिका का राज्य बनाकर अगले एक सदी के लिए अमेरिका को रणनीतिक बढ़त देगा।

उन्होंने यह भी कहा कि इस कदम से चीन और रूस को साफ संदेश जाएगा कि आर्कटिक क्षेत्र में अमेरिका की संप्रभुता को चुनौती देने के दिन अब खत्म हो चुके हैं। प्रस्तावित कानून अमेरिका को यह अधिकार देगा कि वह ग्रीनलैंड को हासिल करने के लिए बातचीत करे या आवश्यक कदम उठाए।

इससे पहले व्हाइट हाउस भी यह स्पष्ट कर चुका है कि राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड हासिल करना चाहिए ताकि वह प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के प्रभाव में न चला जाए। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति ग्रीनलैंड को अमेरिका और यूरोप दोनों की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम मानते हैं।

लेविट के अनुसार, राष्ट्रपति का मानना है कि अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया, तो भविष्य में ग्रीनलैंड पर चीन या रूस का कब्जा हो सकता है, जो अमेरिका, यूरोप और ग्रीनलैंड, तीनों के लिए खतरनाक होगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिका का नियंत्रण ग्रीनलैंड के हित में भी हो सकता है। हालांकि, इस दिशा में कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, लेकिन व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकताओं में शामिल है।

ग्रीनलैंड डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है और आर्कटिक में इसकी रणनीतिक स्थिति के कारण उस पर वैश्विक शक्तियों की नजर लगातार बढ़ रही है। जलवायु परिवर्तन, नए शिपिंग रूट्स और संसाधनों की होड़ ने ग्रीनलैंड को अंतरराष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है। अमेरिका की वहां पहले से सैन्य मौजूदगी है, जबकि चीन और रूस भी आर्कटिक में अपनी महत्वाकांक्षाएं तेजी से बढ़ा रहे हैं।

--आईएएनएस

वीकेयू/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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