उरुग्वे के राजदूत ने भारत के साथ मजबूत संबंधों का किया समर्थन, पीएम मोदी को बताया 'बहुत प्रभावशाली नेता'

उरुग्वे के राजदूत ने भारत के साथ मजबूत संबंधों का किया समर्थन, पीएम मोदी को बताया 'बहुत प्रभावशाली नेता'

उरुग्वे के राजदूत ने भारत के साथ मजबूत संबंधों का किया समर्थन, पीएम मोदी को बताया 'बहुत प्रभावशाली नेता'

author-image
IANS
New Update
Uruguay envoy hails ties with India, calls PM Modi 'influential leader'

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 15 जनवरी (आईएएनएस)। भारत उरुग्वे के मोंटेवीडियो में एक दूतावास खोलने की योजना बना रहा है। दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों का समर्थन करते हुए, भारत में उरुग्वे के राजदूत, अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला ने भारत सरकार के इस फैसले का स्वागत किया। इस साल के आखिर में दूतावास खोलने की योजना है।

Advertisment

आईएएनएस के साथ एक इंटरव्यू में, राजदूत अमरिला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत प्रभावशाली नेता बताया और ग्लोबल साउथ के सामने आने वाले मुद्दों को दुनिया के मंच पर उठाने के लिए उनकी सराहना भी की।

जब उनसे पूछा गया कि वह भारत और उरुग्वे के बीच रिश्तों को कैसे देखते हैं, तो राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआनी अमरिला ने कहा, मैं कहूंगा कि मैं बहुत खुश हूं क्योंकि हम इस रिश्ते के एक बहुत ही अहम पल में हैं, जो पहले से ही 75 साल पुराना है। हम एक साथ आने के नए तरीके शुरू करने वाले हैं। उनमें से एक यह है कि भारत शायद जून में मोंटेवीडियो में एक दूतावास खोलने जा रहा है, और हम उम्मीद कर रहे हैं कि (विदेश मंत्री) जयशंकर उस मौके पर उरुग्वे आएंगे।

अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में भारत के दूतावास को उरुग्वे से भी मान्यता मिली हुई है। भारत और उरुग्वे के बीच राजनयिक संबंध 1960 में बने थे। उरुग्वे की नई दिल्ली में एक दूतावास और मुंबई में एक ऑनरेरी कॉन्सुलेट है।

पीएम मोदी के वैश्विक नेतृत्व को लेकर अमरिला ने कहा, वह बहुत प्रभावशाली नेता हैं। उन्होंने ग्लोबल साउथ के विचारों को भी समझा है और हमें इस बात पर बहुत गर्व है कि वह इन सभी मुद्दों का ध्यान रख रहे हैं और हम चाहेंगे कि उनकी भूमिका और भी अहम हो।

अमरिला ने कहा कि उरुग्वे भारतीयों के लिए वीजा में ढील देने पर विचार कर रहा है।

उन्होंने कहा, मुद्दा यह है कि हम सोच रहे हैं कि भारतीयों की उरुग्वे यात्रा को आसान बनाना बहुत जरूरी होगा। इसी वजह से हमें इस पर ध्यान देने की जरूरत है और शायद यह कुछ ऐसा है, जो हम इस साल मार्च में दिल्ली में अपनी राजनीतिक बातचीत में कर सकते हैं।

उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का स्थायी सदस्य बनने की भारत की इच्छा के लिए उरुग्वे का समर्थन जताया। भारत यूएनएससी में स्थायी सीट के लिए सक्रिय रूप से कोशिश कर रहा है। फ्रांस और रूस जैसे कई देशों ने यूएनएससी में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की कोशिश का समर्थन किया है।

उन्होंने आगे कहा, हम इसका (भारत की कोशिश का) समर्थन करते हैं। हम इस बात का समर्थन नहीं करते कि नए सदस्य वीटो के साथ रहें या उनके पास वीटो हो। हम संयुक्त राष्ट्र में वीटो नहीं चाहते, लेकिन हम स्थायी सदस्य बनने के भारत के इरादे और मकसद का पूरा समर्थन करते हैं।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment