दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीएक्यूएम को लगाई फटकार

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीएक्यूएम को लगाई फटकार

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सीएक्यूएम को लगाई फटकार

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IANS
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Dense Smog engulfs New Delhi

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 6 जनवरी (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (सीएक्यूएम) को कड़ी फटकार लगाई और दिल्ली-एनसीआर में बिगड़ते वायु प्रदूषण संकट से निपटने के उसके तरीके को गैर-गंभीर बताया।

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भारत के चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि प्रदूषण के सोर्स की पहचान और राष्ट्रीय राजधानी और आस-पास के एनसीआर इलाकों में बिगड़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) में उनके योगदान को लेकर एक्सपर्ट संस्थानों में काफी मतभेद हैं।

सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी समेत जाने-माने टेक्निकल संस्थानों ने भी एमिशन सेक्टर को अलग-अलग प्रतिशत दिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सालों से कई उपाय किए जाने के बावजूद, इस इलाके में हवा की क्वालिटी लगातार खराब बनी हुई है, बल्कि और खराब हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे लंबे समय से कई बार इस मुद्दे को उठाना पड़ा है, एक्सपर्ट्स और एमिकस क्यूरी से इनपुट मांगे गए हैं, फिर भी जमीनी स्तर पर स्थिति में बहुत कम सुधार हुआ है।

अपने आदेश में, सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि सीएक्यूएम को न तो बिगड़ते एक्यूआई के पीछे के सही कारणों की पहचान करने और न ही लंबे समय के समाधान बनाने की कोई जल्दी लगती है।

एमिकस क्यूरी और सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह द्वारा वाहन प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण और सड़क की धूल, पावर प्लांट के नियमों का पालन और पटाखों पर दिए गए सुझावों पर ध्यान देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने जोर दिया कि सीएक्यूएम की यह जिम्मेदारी है कि वह सभी संबंधित एक्सपर्ट्स को एक साथ लाए और डेटा के आधार पर प्रदूषण के सोर्स की पहचान करे।

सुप्रीम कोर्ट ने सीएक्यूएम को दो सप्ताह के अंदर शॉर्टलिस्ट किए गए डोमेन एक्सपर्ट्स की एक मीटिंग बुलाने और उनकी चर्चा के आधार पर एक्यूआई खराब होने के मुख्य कारणों की पहचान करने वाली एक रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया।

इसने आगे आदेश दिया कि पारदर्शिता और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।

बेंच ने सीएक्यूएम से यह भी कहा कि वह लंबे समय के समाधानों की जांच शुरू करे और उनके चरणबद्ध कार्यान्वयन की योजना बनाए।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि वह इस मामले में लंबी तारीखें नहीं देगा और नियमित रूप से इस मुद्दे पर नजर रखेगा।

--आईएएनएस

एससीएच/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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