डिजिटल निवेश घोटाले में फाल्कन ग्रुप के एमडी गिरफ्तार, 850 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में हुई कार्रवाई

डिजिटल निवेश घोटाले में फाल्कन ग्रुप के एमडी गिरफ्तार, 850 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में हुई कार्रवाई

डिजिटल निवेश घोटाले में फाल्कन ग्रुप के एमडी गिरफ्तार, 850 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में हुई कार्रवाई

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IANS
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Telangana CID arrests Falcon MD in digital investment scam

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

हैदराबाद, 6 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना पुलिस ने डिजिटल निवेश घोटाले के मामले में फाल्कन ग्रुप के प्रबंध निदेशक (एमडी) अमर दीप को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी तेलंगाना पुलिस के अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने की है।

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सीआईडी के अधिकारियों ने सोमवार को खाड़ी देशों से आने के तुरंत बाद अमरदीप को मुंबई में गिरफ्तार किया। इमिग्रेशन विभाग से मिली विशेष जानकारी के आधार पर पुलिस ने उन्हें मुंबई में रोका और तुरंत हिरासत में ले लिया।

पुलिस के अनुसार, घोटाले का मामला सामने आने के बाद अमर दीप दुबई भाग गए थे। उनके खिलाफ पहले ही लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब उन्हें हैदराबाद लाया जा रहा है और अदालत में पेश किया जाएगा।

पुलिस ने बताया कि आरोपी ने मोबाइल एप पर आधारित डिजिटल डिपॉजिट योजनाओं के जरिए निवेशकों से 850 करोड़ रुपए की हेराफेरी की थी। इस मामले में पहले भी कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

पिछले साल जुलाई में सीआईडी ने फाल्कन ग्रुप के मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) आर्यन सिंह को गिरफ्तार किया था। आर्यन सिंह छाबड़ा को सीआईडी ने 4 जुलाई को पंजाब के बठिंडा से पकड़ा था। इससे पहले मई में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी योगेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार किया गया था। अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सीआईडी के अनुसार, आरोपियों ने बिना अनुमति जमा राशि इकट्ठा की, विश्वासघात किया और लोगों को धोखा दिया। उन्होंने फाल्कन इनवॉइस डिस्काउंटिंग एप बनाकर बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के नाम पर फर्जी सौदे दिखाए और लोगों को कम समय में ज्यादा ब्याज का लालच दिया।

इस तरीके से आरोपियों ने 7,056 लोगों से लगभग 4,215 करोड़ रुपए इकट्ठा किए। इनमें से करीब 4,065 लोग ठगी का शिकार हुए।

पुलिस के अनुसार, कैपिटल प्रोटेक्शन फोर्स प्राइवेट लिमिटेड ने यह एप तैयार किया और गूगल, यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका प्रचार किया। टेलीफोन कॉल के जरिए भी लोगों को फंसाया गया।

पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर साइबराबाद के ईओडब्ल्यू पुलिस स्टेशन में तीन मामले दर्ज किए गए, जिन्हें आगे की जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया गया।

इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में भी आरोपी कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ आठ और मामले दर्ज किए गए हैं।

--आईएएनएस

डीबीपी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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