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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 7 जनवरी (आईएएनएस)। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता और कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान ने 17 साल बाद अपने देश में वापसी की है। इसे लेकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि सालों बाद तारिक की वापसी बांग्लादेश की राजनीति में कोई नई शुरुआत या सुधार नहीं है, बल्कि इससे राजनीतिक ध्रुवीकरण और बढ़ सकता है।
शेख हसीना ने कहा, “तारिक रहमान की वापसी कोई नया बदलाव या सुधार नहीं है; यह उस राजनीति की वापसी है जिसकी बांग्लादेश पहले ही भारी कीमत चुका चुका है।”
बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हसीना ने कहा, “उन्होंने सालों तक अपना जीवन देश निकाला में आराम से बिताया है, जो आम बांग्लादेशियों की रोजमर्रा की असलियत से बहुत दूर है, और यह सब भ्रष्टाचार व सत्ता के दुरुपयोग की जवाबदेही से बचने के बाद हुआ।”
बता दें, बांग्लादेश के सातवें राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पहली महिला प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 58 साल के बेटे को तारिक जिया के नाम से भी जाना जाता है। हसीना की सरकार ने उन पर खालिदा शासन के दौरान एक समानांतर पावर सेंटर चलाने और भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था।
हालांकि, इस वक्त देश में जिस तरह के हालात हैं, हिंसा चरम सीमा पर है और कट्टरपंथी समूहों के अंदर से कानून का भय खत्म हो चुका है, ऐसे में सबकी नजर तारिक रहमान पर टिकी हुई है। इसका एक कारण चुनाव से बीएनपी की अनुपस्थिति भी है।
17 साल के देश निकाला के दौरान तारिक ब्रिटेन में रहे। वहीं अब जब उनकी वापसी हुई है, तो भारत-बांग्लादेश संबंधों के भविष्य पर बहस फिर से शुरू हो गई है। ऐसे में नई दिल्ली से लेकर अन्य देशों तक बांग्लादेश के चुनाव पर सबकी नजर है।
खालिदा जिया के शासन में भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंध रहे हैं, लेकिन तारिक खुद को बांग्लादेश की संप्रभुता के डिफेंडर के रूप में दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, शेख हसीना ने आईएएनएस को बताया कि देश के नवीकरण या सुधार की तरफ बढ़ने के बजाय, तारिक की मौजूदगी बांग्लादेश में राजनीतिक ध्रुवीकरण की खाई को और चौड़ा कर सकती है।
शेख हसीना के मुताबिक, “उनकी मौजूदगी से राजनीतिक ध्रुवीकरण ठीक होने के बजाय और गहरा होने की संभावना है। नेतृत्व के लिए जवाबदेही, पारदर्शिता और लोगों से जुड़ाव की जरूरत होती है, न कि विदेश से डायरेक्शन और फिर हालात अच्छे लगने पर अचानक वापस आने की।”
सर्वे के हवाले से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, तारिक रहमान, जिन्हें अक्सर डार्क प्रिंस कहा जाता है, बांग्लादेश के अगले प्रधानमंत्री बनने की रेस में दूसरे नेताओं से आगे निकल गए हैं।
हसीना ने आईएएनएस को बताया, “पिछले कुछ महीनों में, हमने बीएनपी कार्यकर्ताओं द्वारा डराने-धमकाने और दबाव बनाने की एक बहुत परेशान करने वाली लहर देखी है, जो अवामी लीग के समर्थकों समेत आम बांग्लादेशियों को हिंसा या तबाही की धमकी देकर अपनी पार्टी को वोट देने के लिए मजबूर कर रहे हैं।”
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, “बांग्लादेश का भविष्य उन लोगों के दम पर नहीं बनाया जा सकता जिनकी राजनीतिक विरासत भ्रष्टाचार, हिंसा और कट्टरपंथी ताकतों के साथ गठबंधन से तय होती है।”
--आईएएनएस
केके/डीएससी
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