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(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
ताइपेई, 5 जनवरी (आईएएनएस)। ताइवान सरकार ने चीन पर सीमा-पार दमन (ट्रांसनेशनल रिप्रेशन) का आरोप लगाया है। यह आरोप उस घटना के बाद लगाया गया है, जिसमें चीनी सरकारी मीडिया और सोशल मीडिया अकाउंट्स ने डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (डीपीपी) के विधायक प्यूमा शेन की निजी जानकारी साझा की। इनमें ताइपेई स्थित उनके घर और कार्यस्थल की सैटेलाइट तस्वीरें भी शामिल थीं, स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी।
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि चीन के राज्य-नियंत्रित मीडिया “डिजिटल सत्तावाद” और ‘डॉक्सिंग’ जैसे “घृणित तरीकों” का इस्तेमाल कर ताइवानी नागरिकों को धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्रालय के अनुसार, इसका उद्देश्य ताइवान जैसे लोकतांत्रिक समाज में भय का माहौल बनाना और लोगों को चुप कराना है। ताइवान के दैनिक अखबार ताइपेई टाइम्स ने यह रिपोर्ट दी।
2 जनवरी को फेसबुक पर साझा एक पोस्ट में, चीनी सरकारी मीडिया से जुड़े चैनल ‘स्ट्रेट प्लस’ ने दावा किया कि एक चीनी सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने प्यूमा शेन के घर और कार्यस्थल का स्थान उजागर किया है। पोस्ट के मुताबिक, इन्फ्लुएंसर ने ताइपेई की व्यावसायिक सैटेलाइट इमेजरी खरीदकर उस पर शेन के घर और दफ्तर को चिह्नित किया था।
इन्फ्लुएंसर ने यह भी दावा किया कि चीन के चोंगछिंग नगर सार्वजनिक सुरक्षा ब्यूरो ने 2025 में प्यूमा शेन को ताइवान में कथित “अलगाववादी गतिविधियों” से जुड़े आपराधिक मामले में “वांछित” घोषित किया था।
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ‘स्ट्रेट प्लस’ की यह कार्रवाई मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा का उल्लंघन है। मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र के अनुच्छेद 12 का हवाला देते हुए कहा कि “किसी भी व्यक्ति की निजता, परिवार, घर या पत्राचार में मनमाना हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता और न ही उसके सम्मान और प्रतिष्ठा पर हमला किया जा सकता है।”
मंत्रालय ने इस पोस्ट को “व्यक्तिगत निजता पर हमला, जो सभ्यता की सीमाओं को पार करता है” करार देते हुए कहा कि यह आचरण “निंदनीय” है।
ताइवान के विदेश मंत्रालय ने कहा, “ताइवान और अन्य देशों को निशाना बनाकर चीन द्वारा किया जा रहा सीमा-पार दमन, उत्पीड़न और हस्तक्षेप अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकार मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है। यह साफ दिखाता है कि बीजिंग की सत्ता मानवाधिकारों और निजता जैसे मूल्यों की अनदेखी करती है।” मंत्रालय ने दोहराया कि चीन और ताइवान एक-दूसरे के अधीन नहीं हैं और चीन को ताइवान के लोगों पर कोई अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है।
मंत्रालय ने यह भी घोषणा की कि विदेशों में स्थित ताइवान के मिशनों में आपात प्रतिक्रिया और बचाव तंत्र को मजबूत किया जाएगा ताकि ताइवानी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। साथ ही, अन्य देशों से चीन के मानवाधिकार उल्लंघनों की निंदा करने और उसके “लॉन्ग-आर्म जूरिस्डिक्शन” व सीमा-पार दमन को समाप्त करने की अपील की गई है।
इस बीच, ताइवान के डिजिटल मामलों के मंत्रालय ने इस घटना को साइबर बुलिंग का मामला बताया, जिसमें डॉक्सिंग और डिजिटल दबाव शामिल है। मंत्रालय ने लोगों से ऐसे तत्वों का विरोध करने और सोशल मीडिया पर घृणास्पद सामग्री न फैलाने की अपील की। उसने कहा कि किसी व्यक्ति के आवास को व्यावसायिक सैटेलाइट इमेजरी पर चिह्नित कर सार्वजनिक करना निजता का गंभीर उल्लंघन है और कानून के खिलाफ है। मंत्रालय ने बताया कि उसने व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाली सामग्री हटाने के लिए मेटा से आग्रह किया है।
--आईएएनएस
डीएससी
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