गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल सुरक्षित, ऑटिज्म या एडीएचडी का खतरा नहीं: स्टडी

गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल सुरक्षित, ऑटिज्म या एडीएचडी का खतरा नहीं: स्टडी

गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल सुरक्षित, ऑटिज्म या एडीएचडी का खतरा नहीं: स्टडी

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IANS
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Study proves maternal use of paracetamol not linked to autism, ADHD

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। गर्भावस्था के दौरान इस्तेमाल किए गए पैरासिटामोल से अजन्मे बच्चे में ऑटिज्म, अटेंशन-डेफिसिट हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (एडीएचडी) और बौद्धिक विकलांगता का खतरा नहीं होता है। शनिवार को प्रकाशित एक अध्ययन में ये बात सामने आई है। यह स्टडी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस आम दर्द निवारक दवा के बारे में किए गए दावों को भी खारिज करती है।

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सितंबर में ट्रंप ने एक समारोह के दौरान गर्भवती महिलाओं से अपील की थी कि वो एसिटामिनोफेन (जिसे पैरासिटामोल भी कहा जाता है और यह टायलेनॉल की मुख्य सामग्री है) के बजाय हिम्मत से काम लेने की कोशिश करें।

पैरासिटामोल, या एसिटामिनोफेन, प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दर्द निवारक और बुखार कम करने वाली दवा है, जिसे दर्द से राहत और बुखार कम करने के लिए दुनिया भर में पहली पसंद के तौर पर उपलब्ध कराया जाता है। इसकी सेफ्टी प्रोफाइल आमतौर पर नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं और ओपिओइड्स की तुलना में ज्यादा बेहतर है, जिससे यह प्रसूति देखभाल में पसंदीदा विकल्प बन जाता है। यह गोली डब्ल्यूएचओ की जरूरी दवाओं की लिस्ट में भी शामिल है।

43 स्टडीज पर आधारित और जर्नल द लैंसेट ऑब्स्टेट्रिक्स, गायनेकोलॉजी, एंड विमेंस हेल्थ में पब्लिश हुई सिस्टमैटिक रिव्यू और मेटा-एनालिसिस ने गर्भावस्था के दौरान पैरासिटामोल के प्रयोग को सही ठहराया है।

सेंट जॉर्ज यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स, यूके के ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी डिपार्टमेंट की संबंधित लेखिका प्रो. अस्मा खलील ने कहा, इस सुनियोजित समीक्षा और मेटा-एनालिसिस में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि प्रेग्नेंसी के दौरान मां द्वारा पैरासिटामोल के इस्तेमाल से बच्चों में ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर, एडीएचडी, या बौद्धिक विकलांगता का खतरा बढ़ता है। जब विश्लेषण को लंबी फॉलो-अप अध्ययन, भाई-बहनों के तुलनात्मक अध्ययन, और कम पूर्वाग्रह संबंधित अध्ययन से मिलान किया, तब भी ये नतीजे एक जैसे ही रहे।

यूके, इटली और स्वीडन के शोधकर्ताओं ने साफ किया कि पारंपरिक ऑब्जर्वेशनल स्टडीज में पहले बताए गए संबंध पैरासिटामोल के कारण होने वाले प्रभाव के बजाय मां की बीमारी, बुखार, जेनेटिक संवेदनशीलता या पर्यावरणीय कारकों से होने वाली गड़बड़ी को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा, पैरासिटामोल से बचने से माताओं और भ्रूणों को बिना इलाज वाले दर्द और बुखार से जुड़े जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है, जैसे कि गर्भपात, समय से पहले जन्म, या जन्मजात दोष।

यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी, यूके मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी, और हेल्थ कनाडा जैसी अन्य ग्लोबल रेगुलेटरी एजेंसियां ​​भी पैरासिटामोल की सेफ्टी प्रोफाइल का समर्थन करती हैं।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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