दक्षिण कोरिया के पूर्व पीएम को 23 साल जेल की सजा, कोर्ट ने मार्शल लॉ को बगावत माना

दक्षिण कोरिया के पूर्व पीएम को 23 साल जेल की सजा, कोर्ट ने मार्शल लॉ को बगावत माना

दक्षिण कोरिया के पूर्व पीएम को 23 साल जेल की सजा, कोर्ट ने मार्शल लॉ को बगावत माना

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IANS
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South Korea's Ex-PM Han sentenced to 23 yrs in prison for playing key role in insurrection

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

सोल, 21 जनवरी (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के पूर्व प्रधानमंत्री हान डक-सू को बुधवार को 23 साल जेल की सजा सुनाई गई है। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति यून सूक येओल को इसी मामले में पांच साल की सजा सुनाई गई थी। पूर्व पीएम पर पूर्व राष्ट्रपति यून के कुछ समय के लिए मार्शल लॉ लगाने में मदद करके बगावत में अहम भूमिका निभाने का आरोप है।

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योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पहले फैसले में यह सजा सुनाई है। कोर्ट के फैसले में 3 दिसंबर, 2024 को मार्शल लॉ की घोषणा को एक बगावत माना गया। इस पूरी सुनवाई का लाइव टेलीविजन पर प्रसारण किया गया।

स्पेशल वकील चो यून-सुक की टीम ने पूर्व पीएम के लिए 15 साल की सजा मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने इसे बढ़ाते हुए 23 साल कर दिया है। इन आरोपों में बगावत के सरगना को बढ़ावा देना, बगावत में अहम भूमिका निभाना और झूठी गवाही देना शामिल था।

मामले की सुनवाई के दौरान जज ली जिन-ग्वान ने हान को कस्टडी में रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि हान सबूतों को नष्ट कर सकते हैं। हान ने यह प्रस्ताव देकर बगावत में हिस्सा लिया कि यून डिक्री घोषित करने से पहले एक कैबिनेट मीटिंग बुलाएं।

इसमें कहा गया कि हान ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान घोषणा का विरोध नहीं किया और ऐसा लगा कि उन्होंने तत्कालीन गृह मंत्री ली सांग-मिन को यून के आदेशों को लागू करने के लिए उकसाया था। पूर्व राष्ट्रपति ने प्रशासन की आलोचना करने वाले मीडिया आउटलेट्स की बिजली और पानी काटने के लिए उकसाया।

जज ने सजा सुनाने की सुनवाई के दौरान कहा, एक प्रधानमंत्री के तौर पर डिफेंडेंट का यह फर्ज था कि वह संविधान और कानूनों का पालन करे और संविधान को लागू करने और बचाने की हर मुमकिन कोशिश करे।

जज ने कहा, उन्होंने सोचा कि 3 दिसंबर का विद्रोह सफल हो सकता है। इसलिए आखिर तक फर्ज और जिम्मेदारी को नजरअंदाज किया और एक सदस्य के तौर पर हिस्सा लेने का फैसला किया।

हान, यून की कैबिनेट के पहले सदस्य हैं, जिन्हें मार्शल लॉ डिक्री के लिए सजा सुनाई गई है। हालांकि, पूर्व राष्ट्रपति के मार्शल लॉ के आदेश को नेशनल असेंबली में वोटिंग के छह घंटे बाद हटा लिया गया था।

कोर्ट ने हान को डिक्री हटाए जाने के बाद उसकी लेजिटिमेसी बढ़ाने के लिए एक बदले हुए प्रोक्लेमेशन पर हस्ताक्षर करने, उसे खारिज करने और संवैधानिक कोर्ट में शपथ लेकर झूठ बोलने का भी दोषी पाया।

पूर्व प्रधानमंत्री ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्हें डिक्लेरेशन के अलावा मार्शल लॉ प्लान के बारे में पहले से कोई जानकारी नहीं थी और वह कभी इससे सहमत नहीं थे।

इस फैसले का असर पूर्व राष्ट्रपति यून के अपने ट्रायल पर पड़ सकता है। पूर्व राष्ट्रपति पर आरोप है कि उन्होंने मार्शल लॉ के आदेश के जरिए बगावत की। उनका ट्रायल पिछले हप्ते खत्म हुआ, जिसमें स्पेशल वकील टीम ने मौत की सजा की मांग की है। इस मामले में फैसला 19 फरवरी को सुनाया जाएगा।

पूर्व दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ने दिसंबर 2024 में अपने शासन के दौरान मार्शल लॉ लगाया था। इसी मामले में सियोल सेंट्रल जिला अदालत ने यून के खिलाफ यह पहला फैसला सुनाया है।

--आईएएनएस

केके/एबीएम

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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