पूर्णेंदु तिवारी की कतर जेल से रिहाई के लिए उनकी बहन ने पीएम मोदी से मदद की लगाई गुहार

पूर्णेंदु तिवारी की कतर जेल से रिहाई के लिए उनकी बहन ने पीएम मोदी से मदद की लगाई गुहार

पूर्णेंदु तिवारी की कतर जेल से रिहाई के लिए उनकी बहन ने पीएम मोदी से मदद की लगाई गुहार

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IANS
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Sister of Indian Navy veteran appeals to PM Modi for his release from Qatar jail

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 2 जनवरी (आईएएनएस)। सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना कमांडर पूर्णेंदु तिवारी की बहन डॉ. मीतू भार्गव ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक भावुक अपील की है। डॉ. भार्गव ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से अपने भाई सेवानिवृत्त कमांडर पूर्णेंदु तिवारी के मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

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सेवानिवृत्त कमांडर पूर्णेंदु तिवारी ग्वालियर के रहने वाले हैं। तिवारी उन आठ पूर्व-नेवी अधिकारियों में से एक हैं, जिन्हें कतर के अमीर ने करीब दो साल पहले माफी दी थी। हालांकि, वह एक नई कानूनी उलझन के बीच दोहा में जेल में बंद हैं। ऐसे में जेल में उनकी सेहत और भारत की कूटनीतिक कोशिशों को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।

बता दें, सेवानिवृत्त कमांडर पूर्णेंदु तिवारी की उम्र 65 साल है और उन्हें अगस्त 2022 में कतर में एक प्राइवेट फर्म के लिए काम करते समय जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

इस मामले में शुरू में उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी, लेकिन दिसंबर 2023 में कतर की कोर्ट ऑफ अपील ने उनकी सजा को जेल में बदल दिया और उन्हें अपील करने के लिए 60 दिन का समय दिया था।

फरवरी 2024 में, सात अधिकारी शाही माफी के बाद भारत लौट आए थे। डॉ. भार्गव ने माना था कि इस मामले में पीएम मोदी के व्यक्तिगत हस्तक्षेप की वजह से सात अधिकारी भारत लौट पाए थे। हालांकि, तिवारी, जिस कंपनी में काम करते थे, डाहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज, में वित्तीय गड़बड़ियों से जुड़े यात्रा प्रतिबंध की वजह से वहीं रह गए थे।

भार्गव के 30 दिसंबर के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा गया कि तिवारी को ओरिजिनल केस से निकाले गए एक दूसरे मामले में घसीटा गया है। इसकी वजह से उन्हें आपराधिक साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए छह साल की सजा हुई।

वह पिछले एक महीने से जेल में हैं और अपनी शानदार सेवा और राष्ट्रपति की ओर से दिए गए प्रवासी भारतीय सम्मान के बावजूद उसे झेल रहे हैं। भार्गव ने विदेश मंत्रालय पर कुछ ना करने का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्होंने केस की जानकारी को देखे बिना उन्हें छोड़ दिया, जिससे उनकी तकलीफ और बढ़ गई।

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तिवारी की सेहत बहुत ज्यादा बिगड़ गई है; लंबे समय तक अकेले रहने से उन्हें हाइपरटेंशन, डायबिटीज और पीटीएसडी (पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर) हो गया है, जिससे उन्हें जान का खतरा है।

डॉ. भार्गव ने अपने एक्स पर कहा, यह अजीब बात है कि उनके सम्मानित नेवल ऑफिसर (रिटायर्ड) के साथ इतना अन्याय होने के बावजूद, भारत के नेवल टॉप अधिकारियों ने अपने रिटायर्ड ऑफिसर, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी को दोहा जेल से रिहा कराने के लिए कोई साफ कार्रवाई शुरू नहीं की है।

--आईएएनएस

केके/डीएससी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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