गिग वर्कर्स की हड़ताल के बीच न्यू ईयर की शाम को रिकॉर्ड डिलीवरी हुईं : दीपिंदर गोयल

गिग वर्कर्स की हड़ताल के बीच न्यू ईयर की शाम को रिकॉर्ड डिलीवरी हुईं : दीपिंदर गोयल

गिग वर्कर्स की हड़ताल के बीच न्यू ईयर की शाम को रिकॉर्ड डिलीवरी हुईं : दीपिंदर गोयल

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IANS
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Record deliveries on New Year’s Eve despite strike calls: Deepinder Goyal

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 1 जनवरी (आईएएनएस)। जोमैटो और ब्लिंकइट के सह-संस्थापक और सीईओ दीपेंद्र गोयल ने गुरुवार को कहा कि उनके फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने नए साल की पूर्व संध्या पर रिकॉर्ड डिलीवरी की हैं।

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गोयल का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ गिग वर्कर्स यूनियन ने हड़तालों का ऐलान किया था।

गोयल ने कहा कि नए साल की पूर्व संध्या पर स्थानीय अधिकारियों के सहयोग से दोनों प्लेटफॉर्म सुचारू रूप से काम करते रहे।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में गोयल ने कहा कि स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सहयोग से डिलीवरी सर्विसेज में बाधा बन रहे कुछ लोगों को काबू किया गया, जिससे डिलीवरी सेवाएं बिना किसी बड़ी बाधा के चलती रहीं।

गोयल ने बताया,जोमैटो और ब्लिंकइट के 45 लाख से अधिक डिलीवरी पार्टनर्स ने एक ही दिन में 75 लाख से अधिक ऑर्डर डिलीवर किए, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है। ये ऑर्डर देशभर में 63 लाख से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाए गए।

गोयल ने स्पष्ट किया कि डिलीवरी पार्टनर्स को कोई विशेष या अतिरिक्त प्रोत्साहन दिए बिना ही रिकॉर्ड तोड़ डिलीवरी की गई।

उन्होंने कहा कि हालांकि आम तौर पर नए साल की पूर्व संध्या पर अन्य दिनों की तुलना में अधिक प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन इस साल भी पिछले वर्षों की तरह ही नए साल की पूर्व संध्या पर किए गए अभियानों में कोई अंतर नहीं था।

उन्होंने व्यस्त समय के दौरान सुचारू संचालन सुनिश्चित करने में मदद करने वाले त्वरित समन्वय और प्रभावी प्रवर्तन के लिए स्थानीय अधिकारियों और जमीनी टीमों के प्रति आभार व्यक्त किया।

गोयल ने उन डिलीवरी पार्टनर्स को भी धन्यवाद दिया जिन्होंने धमकियों का सामना करने के बावजूद काम करना जारी रखा, और कहा कि उनकी प्रतिबद्धता ईमानदारी से काम करने और प्रगति की ओर उनके चुनाव को दर्शाती है।

गिग इकॉनमी को लेकर उठ रही चिंताओं को दूर करते हुए गोयल ने कहा कि अगर यह व्यवस्था मूल रूप से ही अन्यायपूर्ण होती, तो यह इतने बड़े कार्यबल को आकर्षित और बनाए रखने में सक्षम नहीं होती।

गोयल ने कहा कि गिग इकॉनमी भारत में संगठित रोजगार सृजन के सबसे बड़े इंजनों में से एक बनकर उभरी है। उन्होंने आगे कहा कि इसका वास्तविक प्रभाव समय के साथ ही दिखेगा, क्योंकि स्थिर आय और शिक्षा तक पहुंच से पार्टनर्स के परिवारों, विशेषकर उनके बच्चों को, देश के दीर्घकालिक विकास में योगदान देने में मदद मिलेगी।

--आईएएनएस

एबीएस/

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