फाइव डे वर्किंग की मांग को लेकर सरकारी बैंकों की देशव्यापी हड़ताल, कामकाज प्रभावित होने की आशंका

फाइव डे वर्किंग की मांग को लेकर सरकारी बैंकों की देशव्यापी हड़ताल, कामकाज प्रभावित होने की आशंका

फाइव डे वर्किंग की मांग को लेकर सरकारी बैंकों की देशव्यापी हड़ताल, कामकाज प्रभावित होने की आशंका

author-image
IANS
New Update
protest against unemployment,new shift policy,SBI employees,SBI contractual security workers,State Bank of India employees

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 27 जनवरी (आईएएनएस)। देशभर में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते मंगलवार को सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित हो सकता है। बैंक कर्मचारी फाइव डे वर्किंग की मांग कर रहे हैं। हालांकि, निजी बैंक इस हड़ताल से प्रभावित नहीं होंगे।

Advertisment

कई सरकारी बैंकों ने पहले ही स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दे दी है कि हड़ताल की वजह से बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) ने इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह संगठन नौ बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो सरकारी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोई समाधान न निकलने के बाद लिया गया था।

इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंक शामिल हैं।

हड़ताल के कारण कैश जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस और बैंक के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे, क्योंकि उनके कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं।

डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे यूपीआई पेमेंट और इंटरनेट बैंकिंग, सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है। फिर भी, कुछ इलाकों में एटीएम में नकदी की उपलब्धता थोड़ी प्रभावित हो सकती है।

एसबीआई ने एक आधिकारिक जानकारी में कहा है कि सामान्य कामकाज बनाए रखने के लिए व्यवस्था की गई है, लेकिन कर्मचारियों की भागीदारी के कारण काम पर असर पड़ सकता है।

एसबीआई के बयान में कहा गया है कि हड़ताल के दिन शाखाओं और कार्यालयों में कामकाज सुचारू रखने की कोशिश की गई है, फिर भी कुछ सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

बैंक यूनियनों की मुख्य मांग है कि हर शनिवार को छुट्टी घोषित की जाए। यह प्रस्ताव मार्च 2024 में 12वें द्विपक्षीय समझौते में शामिल किया गया था, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है।

--आईएएनएस

डीबीपी/वीसी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment