पीएफआरडीए ने बनाई उच्च स्तरीय कमेटी, निश्चित एनपीएस भुगतान के लिए नया सिस्टम होगा तैयार

पीएफआरडीए ने बनाई उच्च स्तरीय कमेटी, निश्चित एनपीएस भुगतान के लिए नया सिस्टम होगा तैयार

पीएफआरडीए ने बनाई उच्च स्तरीय कमेटी, निश्चित एनपीएस भुगतान के लिए नया सिस्टम होगा तैयार

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IANS
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PFRDA forms expert panel to develop system for assured NPS payouts

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) के तहत निश्चित भुगतान के लिए प्रणाली तैयार करेगी।

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मंगलवार को जारी वित्त मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, यह कदम पीएफआरडीए एक्ट के प्रावधानों के अनुरूप है और इसका मकसद सब्सक्राइबर्स के लिए रिटायरमेंट इनकम की सुरक्षा को बढ़ाना है।

बयान में कहा गया कि इस कमेटी की अध्यक्षता डॉ. एम.एस. साहू करेंगे, जो डॉ. साहू रेगुलेटरी चैंबर्स के फाउंडर और इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आईबीबीआई) के पूर्व चेयरपर्सन हैं। 15 सदस्यों के पैनल में अलग-अलग क्षेत्रों जैसे- कानून, फाइनेंस, इंश्योरेंस, कैपिटल मार्केट और एकेडेमिया के एक्सपर्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा, अच्छी चर्चा सुनिश्चित करने के लिए, कमेटी को फीडबैक और सलाह के लिए बाहरी एक्सपर्ट्स या इंटरमीडियरीज को स्पेशल इनवाइटी के तौर पर बुलाने का अधिकार दिया गया है।

यह कमेटी स्ट्रक्चर्ड पेंशन भुगतान पर एक स्थायी सलाहकार कमेटी के तौर पर बनाई गई है। इसके मुख्य कामों में निश्चित भुगतान के लिए नियम बनाना शामिल है, जिसमें 30 सितंबर, 2025 के पीएफआरडीए कंसल्टेशन पेपर में बताई गई पेंशन स्कीमों की जांच करना और सब्सक्राइबरों के लिए एक्यूमुलेशन फेज से डी-एक्यूमुलेशन (पेआउट) फेज में जाने के लिए एक आसान एंड-टू-एंड ट्रांजिशन पक्का करना शामिल है।

कमेटी से यह भी उम्मीद है कि वह कानूनी तौर पर लागू होने वाली और मार्केट-बेस्ड गारंटी सुनिश्चित करने के लिए नोवेशन और सेटलमेंट कॉन्सेप्ट्स पर विचार करेगी और लॉक-इन पीरियड, विड्रॉल लिमिट, प्राइसिंग मैकेनिज्म और प्रोवाइडर्स के लिए फीस स्ट्रक्चर जैसे शब्दों को परिभाषित करेगी।

इसके अलावा, कमेटी को मजबूत रिस्क मैनेजमेंट (पूंजी और सॉल्वेंसी की जरूरतें) स्थापित करने और ऐसे भुगतान के लिए टैक्स के असर की जांच करने का काम सौंपा गया है, जिसके लिए सब्सक्राइबर को एनपीएस ढांचे से बाहर निकलने की जरूरत नहीं होती।

गलत बिक्री को रोकने और एश्योरेंस की प्रकृति और मार्केट-बेस्ड गारंटी के बारे में सब्सक्राइबर की उम्मीदों का प्रबंधन करने के लिए एक स्टैंडर्ड डिस्क्लोजर फ्रेमवर्क डेवलप करना भी कमेटी के दायरे में आता है।

बयान में कहा गया है, इस कमेटी का गठन पीएफआरडीए द्वारा विकसित भारत 2047 के बड़े विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां हर नागरिक अपने सुनहरे सालों में सच्ची वित्तीय स्वतंत्रता और सम्मान हासिल करता है।

--आईएएनएस

एबीएस/

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