ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज: 60 से ज्यादा लोगों की मौत, लगातार बिगड़ते हालात

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज: 60 से ज्यादा लोगों की मौत, लगातार बिगड़ते हालात

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज: 60 से ज्यादा लोगों की मौत, लगातार बिगड़ते हालात

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IANS
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Over 60 killed as anti-govt protests intensify in Iran

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

तेहरान, 10 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे हैं। देश के कई हिस्सों में जारी विरोध प्रदर्शनों में अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए हैं कि कई इलाकों में संचार सेवाएं भी बाधित कर दी गई हैं। इसके बावजूद प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिसंबर 2025 में शुरू हुए इन प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 62 लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका स्थित मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) का दावा है कि मृतकों की संख्या 65 से ज्यादा हो सकती है। संगठन के अनुसार, 9 जनवरी को प्रदर्शन 13वें दिन में प्रवेश कर चुके थे और अब तक 2,311 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

एचआरएएनए की रिपोर्ट बताती है कि विरोध प्रदर्शन पूरे ईरान में फैल चुके हैं। देश के सभी 31 प्रांतों के 180 शहरों में कुल 512 स्थानों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। शुरुआत में ये प्रदर्शन 28 दिसंबर 2025 को तेहरान के दो बाजारों से शुरू हुए थे, जहां लोग महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी मुद्रा रियाल की गिरती कीमत के खिलाफ सड़कों पर उतरे थे। धीरे-धीरे यह आंदोलन पूरे देश में फैल गया और अब यह सीधे तौर पर सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली धार्मिक सत्ता के खिलाफ गुस्से का रूप ले चुका है।

ईरान की सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को पहली बार माना कि प्रदर्शनों में जानमाल का नुकसान हुआ है, हालांकि उसने कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं दिया। साथ ही, सरकारी मीडिया ने हिंसा के लिए अमेरिका और इजरायल से जुड़े आतंकी एजेंटों को जिम्मेदार ठहराया है।

इस बीच, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को घमंडी बताया और आरोप लगाया कि उनके हाथ ईरानियों के खून से सने हैं। खामेनेई ने कहा कि ट्रंप को अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।

खामेनेई ने संकेत दिए कि सुरक्षा बल अब प्रदर्शनकारियों के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करेंगे। सरकारी टीवी पर प्रसारित वीडियो में अमेरिका मुर्दाबाद के नारे भी सुनाई दिए।

खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी ट्रंप पर निशाना साधते हुए दावा किया कि जून में हुई 12 दिनों की जंग में एक हजार से ज्यादा ईरानी मारे गए थे, जिसका आदेश ट्रंप ने दिया था।

इसी बीच, ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ट्रंप से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, मिस्टर प्रेसिडेंट, यह ईरान के लोगों के लिए तुरंत मदद और कार्रवाई की अपील है।

पहलवी की अपील के बाद गुरुवार और शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने पहलवी के समर्थन में नारे लगाए और उनकी ईरान वापसी की मांग की।

रजा पहलवी के पिता ईरान के आखिरी शाह थे, जिन्हें 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सत्ता छोड़कर देश छोड़ना पड़ा था।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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