विदेशियों को ट्रैक करेगा नेपाल का नया डिजिटल सिस्टम, रखेगा मेहमानों की हर गतिविधि पर पैनी नजर

विदेशियों को ट्रैक करेगा नेपाल का नया डिजिटल सिस्टम, रखेगा मेहमानों की हर गतिविधि पर पैनी नजर

विदेशियों को ट्रैक करेगा नेपाल का नया डिजिटल सिस्टम, रखेगा मेहमानों की हर गतिविधि पर पैनी नजर

author-image
IANS
New Update
Nepal implements online system to track foreign nationals (File image)

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

काठमांडू, 1 जनवरी (आईएएनएस)। नेपाल सरकार ने विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए एक नया ऑनलाइन सिस्टम लागू किया है। यह सिस्टम इमिग्रेशन विभाग द्वारा विकसित किया गया है, जो वीजा धारकों, पर्यटकों और अन्य विदेशियों के प्रवेश, ठहराव और निकास की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग करेगा।

Advertisment

अधिकारियों का कहना है कि इससे सुरक्षा बढ़ेगी, अवैध प्रवास पर रोक लगेगी और पर्यटन को और संगठित बनाया जा सकेगा। सिस्टम में बायोमेट्रिक डेटा, जीपीएस ट्रैकिंग और डिजिटल चेक-इन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

आव्रजन विभाग का बनाया एफएनएमआईएस, पूरे देश में फैला एक डिजिटल डेटाबेस है। इसके तहत सभी संस्थानों – जिनमें होटल, एयरलाइंस, ट्रैवल और ट्रेकिंग एजेंसियां, मनी एक्सचेंज काउंटर, और विदेशी नागरिकों को सर्विस देने वाले दूसरे सर्विस प्रोवाइडर शामिल हैं – को सिस्टम में रजिस्टर करना आवश्यक है ताकि यह अच्छे से लागू हो सके।

हालांकि डिपार्टमेंट ने कहा कि यह सिस्टम पहले फेज में गुरुवार से काठमांडू वैली के स्टार-रेटेड होटलों में ज़रूरी तौर पर लागू किया जाएगा, लेकिन गुरुवार दोपहर तक कई दूसरे सर्विस प्रोवाइडर भी सिस्टम में रजिस्टर हो गए थे।

डिपार्टमेंट के एक डायरेक्टर टीकाराम ढकाल ने आईएएनएस को बताया, गुरुवार दोपहर तक होटल, ट्रैवल कंपनियों और मनी एक्सचेंजर समेत 1,416 पर्यटक सेवा प्रदाता इस सिस्टम से जुड़ गए थे।

आव्रजन विभाग की पहले बताई गई योजना के मुताबिक, यह प्रणाली 1 मार्च से शुरू होने वाले दूसरे फेज में देश भर के सभी स्टार-रेटेड होटल्स, एयरलाइंस, टूर और ट्रैवल कंपनियों और मनी एक्सचेंजर्स में लागू कर दी जाएंगी। फिर इसे धीरे-धीरे सभी तरह के होटलों, गेस्ट हाउस और दूसरे सार्वजनिक और निजी संस्थाओं तक बढ़ाया जाएगा।

धकाल ने कहा, इस सिस्टम को लागू करने के पीछे एक वजह नेपाल में विदेशी नागरिकों को ट्रैक करना है, ताकि सरकार उनसे जुड़ी आपराधिक गतिविधि को नियंत्रित कर सके।

दूसरा कारण संकट के समय हिमालयी देश के दूर-दराज और दुर्गम हिस्सों में आने वाले विदेशी सैलानी के लिए तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन लागू है।

उन्होंने आगे कहा कि विदेशी नागरिक रजिस्टर्ड टेक्नोलॉजी कंपनियों की आड़ में क्रिप्टोकरेंसी ट्रांजैक्शन और डेटिंग-ऐप स्कैम, धर्म बदलने और अपनी वीजा कैटेगरी के दायरे से बाहर कुरान और बाइबिल पढ़ाने जैसी गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं।

विभाग ने कहा कि इस सिस्टम का मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि विदेशी लोग सिर्फ उन्हीं गतिविधियों में शामिल हों जिनकी इजाजत उनकी वीजा कैटेगरी के तहत है, साथ ही मेहमान की सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स मैकेनिज्म को बेहतर बनाना है।

--आईएएनएस

केआर/

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

Advertisment