पीएम ताकाइची ने भंग की जापान की संसद, 8 फरवरी को होगा मध्यावधि चुनाव

पीएम ताकाइची ने भंग की जापान की संसद, 8 फरवरी को होगा मध्यावधि चुनाव

पीएम ताकाइची ने भंग की जापान की संसद, 8 फरवरी को होगा मध्यावधि चुनाव

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IANS
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Japanese PM Takaichi dissolves lower House to hold elections on February 8

(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)

टोक्यो, 23 जनवरी (आईएएनएस)। जापान में 8 फरवरी को मध्यावधि चुनाव होने वाला है। उससे पहले जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने शुक्रवार को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को भंग कर दिया।

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जापान के क्योडो न्यूज ने बताया कि आम पार्लियामेंट्री सेशन की शुरुआत में संसद को भंग करने के बाद अब राजनीतिक दलों के पास चुनावी अभियान शुरू करने का समय है। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने आगामी चुनाव के लिए महंगाई को मुद्दा बनाया है। दोनों पक्षों ने महंगाई से जूझ रहे परिवारों को राहत देने के लिए खाने की चीजों पर कंजम्प्शन टैक्स हटाने का प्रस्ताव दिया है।

शुक्रवार को, पीएम ताकाइची की कैबिनेट ने 465 सदस्य वाले संसद को भंग करने के प्लान को मंजूरी दे दी। खास बात यह है कि जापान में प्रधानमंत्री लोअर हाउस को भंग कर सकते हैं, लेकिन यह पहली बार है कि छह दशकों में किसी रेगुलर सेशन की शुरुआत में लोअर हाउस भंग किया गया है।

पीएम ताकाइची ने जोर देकर कहा है कि उन्होंने चुनाव कराने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि उन्हें अभी तक अपने प्रीमियरशिप यानी कि प्रधानमंत्री पद के लिए लोगों का समर्थन नहीं मिला है। ताकाइची पिछले साल अक्टूबर 2025 में जापान की पीएम बनी थीं।

सत्तापक्ष ने खाने की चीजों पर कंजम्प्शन टैक्स को सस्पेंड करने का प्रस्ताव दिया, जबकि विपक्षी गठबंधन ने ऐसे सभी प्रोडक्ट्स पर कंजम्प्शन टैक्स खत्म करने का प्रस्ताव दिया है। हाल के सालों में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) पर हुए स्लश फंड स्कैंडल के बाद राजनीति और पैसों ने सबका ध्यान खींचा है। ऐसे में राजनीति और पैसा चुनावी मुद्दा होगा। इसके अलावा, विदेशी निवासियों और पर्यटकों से जुड़े मामले भी चुनावी मुद्दा हो सकते हैं।

खास बात यह है कि ताकाइची की कैबिनेट की सपोर्ट रेटिंग बहुत ज्यादा है। हालांकि, निचले सदन में सत्तापक्ष के पास बहुमत कम है और हाउस ऑफ काउंसिलर्स में माइनॉरिटी है। इसका मतलब यह है कि जापान की संसद में किसी भी बिल को पास करने के लिए सत्तापक्ष को विपक्षी दलों के समर्थन की जरूरत है।

विपक्षी दलों ने सनाए ताकाइची की आलोचना करते हुए कहा कि वे अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2026 के लिए शुरुआती बजट पास करने से पहले चुनाव करवा रही हैं। विपक्ष ने ताकाइची पर राजनीतिक मुद्दों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया है।

बता दें, ताकाइची ने 1993 में एक निर्दलीय के तौर पर निचले सदन में सीट जीतने के बाद जापान की राजनीति में एंट्री ली थी। वह 1996 में जापान की एलपीडी में शामिल हुईं और पूर्व पीएम शिंजो आबे के नेतृत्व में पहली बार कैबिनेट में शामिल हुईं।

उन्होंने ओकिनावा और उत्तरी क्षेत्र के मामलों के लिए मिनिस्टर ऑफ स्टेट की जिम्मेदारी संभाली। बाद में, वह एलपीडी की पॉलिसी रिसर्च काउंसिल की चेयरपर्सन बनने वाली पहली महिला बनीं। 2022 से 2024 तक, ताकाइची जापान की आर्थिक सुरक्षा मंत्री थीं। सबसे लंबे समय तक इंटरनल अफेयर्स मिनिस्टर रहने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। ताकाइची ने कई बार इस पद की जिम्मेदारी संभाली है। उन्हें 185 वोट मिलने के बाद एलडीपी का नेता चुना गया। जापान की पीएम ने शिंजिरो कोइज़ुमी को हराया था। 2024 में शिंजिरो कोइज़ुमी एलडीपी के नेतृत्व के लिए हुए चुनाव में प्रमुख दावेदार रहे।

--आईएएनएस

केके/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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