/newsnation/media/media_files/thumbnails/202508293495092-309047.jpg)
(source : IANS) ( Photo Credit : IANS)
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था की विकास दर वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून अवधि) में 7.8 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 6.5 प्रतिशत थी। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के तहत आने वाले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से शुक्रवार को दी गई।
एनएसओ के द्वारा जारी किए गए डेटा के मुताबिक, अप्रैल-जून अवधि में देश की रियल जीडीपी 47.89 लाख करोड़ रुपए रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 44.42 लाख करोड़ रुपए थी।
समीक्षा अवधि में नॉमिनल जीडीपी करंट प्राइस में 86.05 लाख करोड़ रुपए रही है, जो कि वित्त वर्ष 25 की समान अवधि के आंकड़े 79.08 लाख करोड़ रुपए से 8.8 प्रतिशत ज्यादा है।
सरकार ने बताया कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में सर्विसेज सेक्टर की मजबूत वृद्धि दर से रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) ग्रोथ 7.6 प्रतिशत पर रही है।
वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में कृषि और उससे जुड़े हुए क्षेत्रों की रियल जीवीए ग्रोथ 3.7 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1.5 प्रतिशत थी।
द्वितीय क्षेत्र की विकास दर वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 7.5 प्रतिशत रही है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग की विकास दर 7.7 प्रतिशत और कंस्ट्रक्शन की विकास दर 7.6 प्रतिशत रही है।
तृतीय क्षेत्र, जिसमें सर्विसेज को शामिल किया जाता है, की विकास दर वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 9.3 प्रतिशत रही है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (जीएफसीई) वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में नॉमिनल टर्म में 9.7 प्रतिशत बढ़ा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि में 4 प्रतिशत था।
हालांकि, निजी अंतिम उपभोग व्यय (पीएफसीई) की विकास दर वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 7 प्रतिशत रही है, जो कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 8.3 प्रतिशत थी।
--आईएएनएस
एबीएस/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.